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ग्रामीण महिला उद्यमियों को मिलेगा आधुनिक व्यवसायिक सहयोग
भुवनेश्वर। ग्रामीण महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओडिशा आजीविका मिशन और आईआईटी भुवनेश्वर के बीच सोमवार को मिशन शक्ति भवन में एक समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास, मिशन शक्ति तथा पर्यटन मंत्री प्रभाती परिडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।
यह पहल राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम के माध्यम से शुरू की जा रही है। इस कार्यक्रम में आईआईटी भुवनेश्वर को इन्क्यूबेशन पार्टनर बनाया गया है, जो ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यवसाय नियोजन, उत्पाद विकास, गुणवत्ता सुधार, बाजार से जुड़ाव, वित्तीय सहायता प्राप्त करने तथा पेशेवर नेटवर्किंग में तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करेगा।
दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के दिशा-निर्देशों के अनुसार, अगले तीन वर्षों में कम से कम 150 विकासोन्मुख ग्रामीण उद्यमों को इन्क्यूबेशन प्रक्रिया के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी। इस कार्यक्रम के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 10.70 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। प्रथम चरण में आईआईटी भुवनेश्वर को कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए 99 लाख रुपये जारी किए गए हैं।
इस पहल से राज्य में एक सशक्त उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र विकसित होने की उम्मीद है, जिससे स्वयं सहायता समूह आधारित उद्यम छोटे एवं मध्यम उद्योगों के रूप में विकसित हो सकेंगे। चयनित समूह उद्यमों को उद्यम पंजीकरण, आवश्यक अनुपालन, प्रमाणन तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में भी सहायता प्रदान की जाएगी।
इसके अलावा, आईआईटी भुवनेश्वर चयनित उत्पादों के लिए पेटेंट, प्रक्रिया प्रमाणन और ब्रांड पहचान विकसित करने में भी सहयोग करेगा, जिससे ओडिशा के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिल सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को केवल रोजगार योग्य बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी के रूप में विकसित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आईआईटी भुवनेश्वर जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ साझेदारी से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुले हैं। तकनीकी मार्गदर्शन और उन्नत प्रशिक्षण के माध्यम से वे अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में सक्षम होंगी।
उन्होंने इस पहल को “विकसित ओडिशा” के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के आत्मविश्वास, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को नई गति प्रदान करेगा।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने महालक्षपति दीदियों के साथ संवाद भी किया और संघर्ष से सफलता तक की उनकी प्रेरणादायक यात्राओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति विभाग की आयुक्त-सह-सचिव मानसी निंभाल , मिशन शक्ति की निदेशक मोनिका प्रियदर्शिनी, ओडिशा आजीविका मिशन एवं मिशन शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, आईआईटी भुवनेश्वर के प्रतिनिधि, लखपति दीदी एवं महालक्षपति दीदियां उपस्थित थीं। राज्य के सभी जिलों से अधिकारी और स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुईं।
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