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ओडिशा में शिक्षा को नई दिशा

  •     204 नए आदर्श विद्यालयों की नींव रखी गई

  •     ‘गोदावरीश मिश्र आदर्श विद्यालय योजना’ का दूसरा चरण शुरू

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में शैक्षणिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘गोदावरीश मिश्र आदर्श विद्यालय योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत की है। इस चरण के तहत राज्यभर में 204 नए आदर्श विद्यालयों की आधारशिला रखी गई।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस अवसर पर खुर्दा जिले के जटनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुमारबस्ता स्थित लोकनाथ देव सरकारी उच्च विद्यालय में कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया और योजना का शुभारंभ किया।

प्रत्येक पंचायत में होगा एक मॉडल स्कूल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पंचायत में एक मॉडल स्कूल स्थापित करना है, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रत्येक बच्चे को मिलेगा विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे को विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने के लिए संकल्पबद्ध है। इस परिकल्पना को साकार करने के लिए हमारी सरकार ने गोदोबरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालय योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में 2,200 विद्यालयों के विकास हेतु व्यापक बजट आवंटित किया है। इसी क्रम में आज कुमारबस्ता से राज्यभर में 204 गोदावरीश मिश्र आदर्श प्राथमिक विद्यालयों” की आधारशिला रखी गई। इससे पूर्व बाणपुर में इस योजना का शुभारंभ करते हुए 118 विद्यालयों का शिलान्यास किया गया था।

एक बड़े सपने का साकार रूप है योजना

उन्होने कहा कि यह योजना केवल एक सरकारी परियोजना नहीं है, बल्कि एक साधारण आदिवासी परिवार के छात्र के रूप में मेरे बचपन के संघर्षों, अनुभवों और आने वाली पीढ़ियों के लिए देखे गए एक बड़े सपने का साकार रूप है। यह कोई वातानुकूलित कक्षों की कल्पना नहीं है, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन लाने का एक दृढ़ संकल्प है। विपक्ष के मुख्य सचेतक रहने के दौरान मैंने इस योजना के लिए राज्य सरकार को बार-बार पत्र लिखे और विधानसभा में प्रस्ताव भी रखा, लेकिन उस समय मेरी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। आज महाप्रभु श्रीजगन्नाथ के आशीर्वाद और राज्यवासियों के विश्वास से मुख्यमंत्री के रूप में इस योजना को लागू करना मेरी प्राथमिकता बन गया है। आने वाली पीढ़ियां किसी भी प्रकार की कमी का सामना न करें और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।

हमारी सरकार केवल शिलान्यास करने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि निर्धारित समय में कार्य पूर्ण कर उद्घाटन करने का भी रिकॉर्ड रखती है।

विश्व पटल पर पहुंचेगा पिपिलि का चांदुआ

पिपिलि में प्रस्तावित चांदुआ हस्तशिल्प हब राज्य की समृद्ध विरासत के संरक्षण के साथ-साथ कारीगरों के लिए नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं उत्पन्न करेगा। यह विरासत के संरक्षण, कारीगरों के सशक्तिकरण और ओडिशा की गरिमा को विश्व पटल पर पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

इस कार्यक्रम में स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पहले चरण में रखी गई थी 118 विद्यालयों की आधारशिला

सरकारी जानकारी के अनुसार, इस योजना के पहले चरण में 118 विद्यालयों की आधारशिला रखी जा चुकी है। दूसरे चरण में 204 नए विद्यालयों के जुड़ने से राज्य में आधुनिक और सुसज्जित शैक्षणिक संस्थानों के विकास की प्रक्रिया और तेज हो गई है।

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