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बोले- मैं पकड़ सकता हूं तो प्रशासन क्यों नहीं?
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बालियापाल में अधिकारियों लेकर छापेमारी करने पहुंचे मौके पर
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जेसीबी जब्त, लाखों ट्रिप खनिजों की अवैध निकासी का आरोप
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कलेक्टर और एसपी से मांगा जवाब
बालेश्वर। जिले में बालू, गिट्टी, पत्थर और मिट्टी जैसे लघु खनिजों के अवैध उत्खनन एवं तस्करी को लेकर सांसद प्रताप चंद्र षाड़ंगी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बालियापाल क्षेत्र के देउला और मधुपुरा गांवों का दौरा कर उन्होंने बड़े पैमाने पर चल रहे कथित अवैध खनन कारोबार का खुलासा किया और संबंधित विभागों की भूमिका पर नाराजगी जताई।
सांसद षाड़ंगी ने तहसील प्रशासन, पुलिस तथा खनन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान वे दुर्गम रास्तों से गुजरते हुए बांस के सहारे एक गहरे नाले को पार कर उस स्थान तक पहुंचे, जहां कथित रूप से अवैध मिट्टी उत्खनन किया जा रहा था। मौके पर खनन कार्य में लगी एक जेसीबी मशीन को जब्त किया गया।
निरीक्षण के बाद सांसद ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में लाखों ट्रिप मिट्टी और बालू का अवैध उत्खनन एवं परिवहन किया जा चुका है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर अवैध खनन का संचालन प्रशासनिक तंत्र की जानकारी के बिना संभव नहीं लगता।
प्रशासन पर सवाल उठाते हुए सांसद ने कहा कि जब मैं स्वयं मौके पर पहुंचकर अवैध खनन का पता लगा सकता हूं, तो पुलिस, खनन विभाग और स्थानीय प्रशासन इसे क्यों नहीं पकड़ पा रहा है? यह गंभीर चिंता का विषय है।
षाड़ंगी ने पूरे मामले में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से जवाब तलब करते हुए कहा कि अवैध खनन में शामिल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों को कानून के दायरे में लाने पर जोर दिया।
सांसद ने प्रशासन को निर्देश दिया कि जिले में अवैध खनन और खनिज तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त और निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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