-
पारंपरिक स्वाद और कृषि विरासत को मिली राष्ट्रीय पहचान
-
पीएम मोदी की बात सुनकर किसानों में खुशी की लहर
नई दिल्ली/भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें संस्करण में ओडिशा के प्रसिद्ध सुवर्णरेखा आम और पारंपरिक पेय बेल पणा की विशेष सराहना की। उन्होंने भारत की विविध आम प्रजातियों और देशी ग्रीष्मकालीन पेयों को देश की सांस्कृतिक एकता और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के प्रत्येक क्षेत्र की अपनी विशिष्ट आम किस्में हैं, जिनका स्वाद और सुगंध अलग पहचान रखते हैं। उन्होंने ओडिशा और आंध्र प्रदेश में उगाए जाने वाले सुवर्णरेखा आम का उल्लेख करते हुए हापुस, केसर, दशहरी, लंगड़ा, हिमसागर और बैंगनपल्ली जैसी लोकप्रिय किस्मों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में आम चर्चा का सामान्य विषय होता है। भारत में शायद ही कोई ऐसा घर होगा, जहां आम की बात न होती हो।
मोदी ने आम उत्पादक किसानों के परिश्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और कृषि निर्यात बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के किसानों की मेहनत ही भारतीय फलों को वैश्विक पहचान दिला रही है।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान भारत के पारंपरिक ग्रीष्मकालीन पेयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने आम पन्ना, लस्सी, सत्तू शरबत और कोकम शरबत के साथ ओडिशा के प्रसिद्ध बेल पना का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये पेय भारतीय रसोईघरों में स्थानीय कृषि उत्पादों से तैयार किए जाते हैं और देश की समृद्ध खाद्य संस्कृति का हिस्सा हैं।
मन की बात में सुवर्णरेखा आम और बेल पणा का उल्लेख होने से ओडिशा के किसानों और आम लोगों में खुशी का माहौल है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा की गई यह सराहना इन उत्पादों की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बढ़ाने के साथ-साथ उनकी मांग में भी वृद्धि करेगी, जिससे राज्य के किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
