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अभाविप राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक की पूर्व संध्या पर बोले मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी
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आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका को बताया निर्णायक
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को केवल “जॉब सीकर” बनकर नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें “जॉब क्रिएटर” बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की उद्यमशीलता, नवाचार और नेतृत्व की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री यह बातें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक की पूर्व संध्या पर आयोजित नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि भुवनेश्वर स्थित शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि भारत आज युवा शक्ति के दम पर विश्व में नई पहचान बना रहा है। देश के युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और नवाचार की अपार क्षमता है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें सही दिशा, अवसर और मंच उपलब्ध कराया जाए ताकि वे स्वयं के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति और विभिन्न कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अब शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और रोजगार सृजन की क्षमता विकसित करना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्टार्टअप, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में युवाओं को जोखिम लेने, नए विचारों पर काम करने और उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब युवा रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार देने वाले बनेंगे, तभी देश वास्तविक अर्थों में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
उन्होंने अभाविप की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन लंबे समय से छात्र और युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की दिशा में जागरूक करने का कार्य कर रहा है। विद्यार्थियों के बीच राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में अभाविप की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से समाज और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य युवा शक्ति के हाथों में सुरक्षित है और उनकी ऊर्जा से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा।
इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी उपस्थित रहे। साथ-में मंच पर अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी, ओडिशा पूर्व प्रांत अध्यक्ष डॉ देवेश शंकर होता, ओडिशा पूर्व प्रांत मंत्री दीप्तिमयी प्रतिहारी, स्वागत समिति अध्यक्ष प्रबोध मोहंती तथा स्वागत समिति महासचिव अजय अग्रवाल का रहना हुआ। अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, राष्ट्रीय सह-संगठन एस बालकृष्ण, गोविंद नायक तथा देवदत्त जोशी भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। साथ-ही, भुवनेश्वर के गणमान्य नागरिक, प्रबुद्ध जन और अभाविप के पूर्व विद्यार्थी कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
छात्रशक्ति का स्वागत किया
‘नागरिक अभिनंदन समारोह’ के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि जगन्नाथ जी की पावन धरती, कला-संस्कृति और वेदों की पुण्यभूमि ओडिशा की मंदिरमालिनी नगरी भुवनेश्वर में आयोजित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में देशभर से पधारे छात्रशक्ति का स्वागत करता हूं। ‘ज्ञान, शील और एकता’ के महामंत्र को आत्मसात करते हुए विद्यार्थी परिषद ने सदैव छात्रहित, राष्ट्रहित और सामाजिक चेतना को नई दिशा देने का कार्य किया है। विद्यार्थी परिषद द्वारा चलाया जा रहा ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ अभियान युवाओं को सेवा, पर्यावरण, खेल और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित कर रहा है, वहीं ‘मिशन साहसी’ अभियान छात्राओं और छात्रों में आत्मविश्वास एवं आत्मरक्षा की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। परिषद ने अपने कार्यों से सिद्ध किया है कि ‘छात्र शक्ति ही, राष्ट्र शक्ति है.’ मेरे लिए यह अवसर केवल मुख्यमंत्री के रूप में उपस्थित होने का नहीं, बल्कि अपने छात्र जीवन के संघर्ष व वैचारिक स्मृतियों को पुनः जीने का अवसर है। वर्ष 1949 से लेकर आज तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने देश को केवल छात्र नेता ही नहीं, बल्कि चरित्रवान नागरिक और राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व प्रदान किया है। आपातकाल से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक परिवर्तन के हर संघर्ष में परिषद अग्रणी भूमिका में रही है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक में लिए गए निर्णय महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी की कृपा से राष्ट्र और समाज के हित में दूरगामी एवं सकारात्मक परिणाम देने वाले सिद्ध होंगे।
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि महाप्रभु श्री जगन्नाथ और बाबा लिंगराज की पावन भूमि भुवनेश्वर में आयोजित अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक राष्ट्रहित, छात्रहित और सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन है। वर्तमान वैश्विक अस्थिरता और बदलते राष्ट्रीय परिदृश्य में भारत को संतुलित नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी तथा युवाओं और विद्यार्थियों को राष्ट्रभाव के साथ आगे आना होगा। अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ, बदलती जनसांख्यिकी और लोकतांत्रिक मूल्यों पर संकट जैसे विषयों पर अभाविप ने सदैव राष्ट्रहित में संघर्ष किया है, जिसके परिणामस्वरूप पश्चिम बंग में लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के पक्ष में जनादेश प्राप्त हुआ है। विद्यार्थियों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और अनियंत्रित स्क्रीन टाइम को ध्यान में रखते हुए ‘आनंदमय सार्थक छात्र जीवन’ एवं ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम’ जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक और संतुलित जीवन की ओर प्रेरित करते हुए जेन-जी को भारतबोध और राष्ट्रचेतना से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। मिशन साहसी, छात्रा संसद, थिंक इंडिया, मेडिविजन, एग्रीविजन और फार्मा विजन जैसे आयामों के माध्यम से विद्यार्थी परिषद चरित्र निर्माण, नेतृत्व विकास और राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तित्व निर्माण का कार्य कर रही है। भुवनेश्वर में आयोजित यह राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक संगठन को नई ऊर्जा और नई दिशा प्रदान करेगी।
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