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ओडिशा कैबिनेट ने अलग मंत्री स्तरीय कैडर को दी मंजूरी

  •           एसटी-एससी कल्याण विभाग में बनेंगे 1032 नए पद

  •           जिला और ब्लॉक स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को मिलेगी गति

  •           अब विभाग का होगा अपना स्वतंत्र प्रशासनिक ढांचा

भुवनेश्वर। ओडिशा मंत्रिमंडल ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने ओडिशा मंत्री स्तरीय सेवा (जूनियर असिस्टेंट, सीनियर असिस्टेंट, सहायक अनुभाग अधिकारी एवं अनुभाग अधिकारी की भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तें) नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी है।

इस फैसले के साथ विभाग में पहली बार स्वतंत्र मंत्रीस्तरीय कैडर का गठन किया जाएगा। अब तक विभाग के जिला कार्यालयों और अधीनस्थ इकाइयों में मंत्री स्तरीय पदों का संचालन जिला राजस्व मंत्री स्तरीय कैडर से प्रतिनियुक्त कर्मचारियों के जरिए किया जाता था। इससे कार्यों में देरी, जवाबदेही की कमी और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधाएं उत्पन्न होती थीं।

अब विभाग खुद करेगा भर्ती और पदोन्नति

नई नियमावली लागू होने के बाद विभाग अपने स्तर पर जूनियर असिस्टेंट की भर्ती करेगा और आगे की सभी पदोन्नतियां भी विभागीय नियंत्रण में होंगी। पूरा कैडर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करेगा।

सरकार का मानना है कि इससे निर्णय प्रक्रिया तेज होगी, जवाबदेही बढ़ेगी और एसटी, एससी तथा पिछड़ा वर्ग समुदायों के लिए चल रही प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा।

1032 नए पदों को मंजूरी

सरकार द्वारा स्वीकृत नए ढांचे में कुल 1032 पद शामिल होंगे, जिनमें जूनियर असिस्टेंट के 630 पद, सीनियर असिस्टेंट के 249 पद, सहायक अनुभाग अधिकारी के 100 पद, अनुभाग अधिकारी के 53 पद शामिल हैं।

जिला और ब्लॉक स्तर पर योजनाओं को मिलेगा बल

यह समर्पित प्रशासनिक ढांचा जिला और ब्लॉक स्तर के कार्यालयों की कार्यप्रणाली को मजबूत करेगा, जहां छात्रवृत्ति वितरण, भूमि अधिकार, कौशल विकास और आवास जैसी अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जाता है। सरकार के अनुसार इस फैसले से योजनाओं का लाभ तेजी और पारदर्शिता के साथ लक्षित समुदायों तक पहुंच सकेगा।

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