Home / Odisha / ओडिशा में एकीकृत इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर के लिए एम्स दिल्ली से साझेदारी की पहल

ओडिशा में एकीकृत इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर के लिए एम्स दिल्ली से साझेदारी की पहल

  •     स्वास्थ्य मंत्री डॉ मुकेश महालिंग ने एनएचआरपी के तहत राज्य के एक जिले को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल करने का किया अनुरोध

भुवनेश्वर। ओडिशा में बढ़ते आपातकालीन चिकित्सा मामलों और सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों को देखते हुए राज्य सरकार ने एकीकृत इमरजेंसी और ट्रॉमा केयर प्रणाली विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मुकेश महालिंग ने एम्स दिल्ली और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के शीर्ष अधिकारियों को पत्र लिखकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकता परियोजना (एनएचआरपी) के तहत ओडिशा के एक जिले को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है।

नई दिल्ली स्थित एम्स के इमरजेंसी विभाग और जेपीएन एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के दौरे के दौरान डॉ महालिंग ने उन्नत उपचार प्रणाली, मरीज प्रबंधन व्यवस्था और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे का अवलोकन किया। इस मॉडल से प्रभावित होकर उन्होंने ओडिशा में भी इसी प्रकार की जीवन रक्षक व्यवस्था विकसित करने के लिए सहयोग का औपचारिक अनुरोध किया।

स्वास्थ्य मंत्री ने आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ राजीव बहल और एनएचआरपी परियोजना का नेतृत्व कर रहे एम्स के प्रोफेसर डॉ संजीव भोई को लिखे पत्र में राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इंडिया स्टेट-लेवल डिजीज बर्डन इनिशिएटिव 2019 के अनुसार मृत्यु दर के मामले में ओडिशा देश में आठवें स्थान पर है, जबकि डिसेबिलिटी एडजस्टेड लाइफ इयर्स (डीएएलवाई) के मामले में तीसरे स्थान पर है।

पत्र में बताया गया कि राज्य में सड़क दुर्घटनाएं, हार्ट अटैक, स्ट्रोक, सर्पदंश और अन्य गंभीर आपातकालीन स्थितियां बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। डॉ महालिंग ने कहा कि इन जानलेवा परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ओडिशा को मजबूत और एकीकृत इमरजेंसी एवं ट्रॉमा केयर तंत्र की आवश्यकता है।

उन्होंने विशेष रूप से एनएचआरपी के तहत राज्य के एक जिले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अपनाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यदि चयनित जिले में यह मॉडल सफल होता है, तो इसे पूरे राज्य में लागू किया जा सकेगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने ओडिशा में विश्वस्तरीय इमरजेंसी केयर प्रणाली विकसित करने के लिए एम्स दिल्ली के साथ औपचारिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की भी इच्छा जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल राज्य में प्री-हॉस्पिटल केयर, इमरजेंसी रिस्पांस समय, ट्रॉमा प्रबंधन और समग्र जनस्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे समय पर इलाज न मिलने से होने वाली मौतों को कम करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

डॉ महालिंग ने विश्वास जताया कि एम्स दिल्ली और आईसीएमआर के साथ यह साझेदारी ओडिशा में मजबूत स्वास्थ्य अवसंरचना तैयार करने और हर वर्ष हजारों लोगों की जान बचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

Share this news

About desk

Check Also

सुभद्रा योजना के दो साल पूरे

    ओडिशा में घर-घर जलेगा ‘सुभद्रा दीप’     उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा की अपील …