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बालियंता मॉब लिंचिंग से आसपास के गांवों में भय और तनाव का माहौल

  •           कानून मंत्री ने सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा

भुवनेश्वर। बालियंता मॉब लिंचिंग मामले में जीआरपी कांस्टेबल सौम्य रंजन स्वाईं की निर्मम हत्या के बाद आसपास के गांवों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि बेणुपुर और आसपास के गांवों के लोगों ने दो युवतियों के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप में सौम्य रंजन स्वाईं पर हमला कर दिया था। उग्र भीड़ ने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी, जिससे पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बड़े पैमाने पर आरोपियों की तलाश शुरू की है और विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तारी के डर से बालियंता थाना क्षेत्र के कई गांवों से पुरुष सदस्य फरार बताए जा रहे हैं।

अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा – हरिचंदन

राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शनिवार को कहा कि मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल लोगों को कानून के अनुसार सख्त सजा मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध करने वालों को उनके कृत्यों का परिणाम अवश्य भुगतना पड़ेगा।

आरोपियों को उनके अपराध के अनुरूप सजा मिलेगी

उन्होंने कहा कि आरोपियों को उनके अपराध के अनुरूप सजा मिलेगी। जिन्होंने इस तरह का अपराध किया है, उन्हें निश्चित रूप से उसके परिणाम भुगतने होंगे। कानून मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अपराध और कानून-व्यवस्था के मामलों को लेकर अधिक सख्त रुख अपनाया है तथा पूरे ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

राज्य में दोषसिद्धि दर में उल्लेखनीय वृद्धि

उन्होंने बताया कि राज्य में दोषसिद्धि दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो न्याय सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हरिचंदन ने कहा कि आपराधिक मामलों की नियमित निगरानी के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी जा रही है, ताकि मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है।

मंत्री ने कहा कि सरकार पूरी तरह सतर्क है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं दोबारा न हों। राज्य में दोषसिद्धि दर पहले 5 से 7 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 40 प्रतिशत से अधिक हो गई है। ऐसे अपराधों में शामिल लोगों को उनके कृत्यों का परिणाम भुगतना ही पड़ेगा।

दुर्व्यवहार के आरोप पूरी तरह झूठा – परिवार

वहीं, स्वाईं के परिवार ने दुर्व्यवहार के आरोपों को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया है। परिवार ने मामले में शामिल दोनों युवतियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि वे इस घटना से गहरे सदमे में हैं और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

इधर, शुक्रवार को वाईबी खुरानिया और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था। सौम्य रंजन स्वाईं का शव उनके गांव पहुंचा तो माहौल तनावपूर्ण हो गया था। स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस पर कांस्टेबल की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की।

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