Home / Odisha / आदिवासी की पीड़ा बनी सिस्टम की नाकामी का प्रतीक : मंत्री सुरेश 

आदिवासी की पीड़ा बनी सिस्टम की नाकामी का प्रतीक : मंत्री सुरेश 

  •     बहन के शव के साथ बैंक पहुंचा था व्यक्ति

  •  यह सड़ चुकी व्यवस्था का था चेहरा – पुजारी

भुवनेश्वर। ओडिशा की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने केंदुझर जिले के एक आदिवासी युवक के मामले को सिस्टम की विफलता का ज्वलंत उदाहरण बताया है।

केंदुझर के पाटना ब्लॉक के दियानाली गांव के रहने वाले जीतू मुंडा की बहन की मृत्यु हो गई थी। जब वह बैंक में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने पहुंचे, तो अधिकारी ने उनसे मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा। जटिल प्रक्रिया को समझ पाने और प्रमाण पत्र नहीं जुटा पाने की स्थिति में, मजबूरी और आत्मसम्मान के चलते वह अपनी मृत बहन का शव ही बैंक लेकर पहुंच गए।

मंत्री पुजारी ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के सड़ने का संकेत है। उन्होंने कहा कि एक साधारण आदिवासी को मृत्यु साबित करने के लिए शव लेकर नहीं जाना चाहिए था, बल्कि अधिकारियों का कर्तव्य था कि वे उसे प्रमाण पत्र दिलाने में मदद करते।

तुरंत सुधार की जरूरत

एक चर्चा में मंत्री ने कहा कि शिक्षित और प्रभावशाली लोग ही व्यवस्था को खोखला कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया से भी ऐसी घटनाओं को प्रमुखता से उठाने और इसे राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बनाने की अपील की।

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