भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा के विशेष सत्र में भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य में महिलाओं की स्थिति, प्रशासनिक व्यवस्था और महिला सशक्तिकरण को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। पटनायक ने एक कथित घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक महिला की मृत्यु के बाद उसके परिवार को बैंक से धन प्राप्त करने के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जिससे प्रशासन की संवेदनहीनता उजागर होती है। उन्होंने कहा कि यह घटना राज्य की प्रशासनिक विफलता और जवाबदेही की कमी को दर्शाती है।
महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की स्थिति चिंताजनक
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की स्थिति चिंताजनक है और इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय मीडिया में भी सामने आई हैं। पटनायक ने कहा कि ‘डबल इंजन सरकार’ के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था पूरी तरह विफल साबित हो रही है। विपक्षी नेता ने आरोप लगाया कि सरकार केवल प्रचार और दिखावे तक सीमित है।
पंचायती राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण का श्रेय लिया
नवीन पटनायक ने दावा किया कि ओडिशा देश का पहला राज्य रहा है जिसने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया और बाद में इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाया गया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पारित महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू करने की मांग की और आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर केवल राजनीतिक लाभ लेते हैं।
डिलिमिटेशन मुद्दे पर भी चिंता जताई
पटनायक ने ‘सीमा पुनर्निर्धारण (डिलिमिटेशन)’ के मुद्दे पर भी चिंता जताते हुए कहा कि इससे राज्य के राजनीतिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने इसे ओडिशा के हितों के खिलाफ बताया।
किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि जब तक वे सक्रिय राजनीति में हैं, ओडिशा के अधिकारों और हितों की रक्षा की जाएगी तथा राज्य की जनता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
