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15 मई तक जारी रहेगी प्रक्रिया
भुवनेश्वर। ओडिशा में गुरुवार को राज्यव्यापी डोर-टू-डोर डिजिटल जनगणना की शुरुआत की गई। यह एक बड़ा प्रशासनिक अभियान है, जिसका उद्देश्य पूरे राज्य में विस्तृत जनसांख्यिकीय डेटा एकत्र करना है। यह प्रक्रिया 15 मई तक जारी रहेगी।
इस अभियान के लिए राज्यभर में 90,000 से अधिक अधिकारियों को तैनात किया गया है, जो घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। निगरानी के लिए 15,140 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को गणनाकर्ता (एन्यूमरेटर) और उच्च विद्यालयों के शिक्षकों को सुपरवाइजर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रत्येक गणनाकर्ता को लगभग 800 व्यक्तियों का डेटा एकत्र करने का लक्ष्य दिया गया है। औसतन, एक अधिकारी इस अवधि में 150 से 200 घरों का सर्वे करेगा। इसके साथ ही घरों की सूची बनाने, नंबरिंग करने और प्रत्येक परिवार के मुखिया से बातचीत कर जानकारी दर्ज करने का कार्य भी किया जाएगा।
इस जनगणना में कुल 33 प्रश्नों का एक संरचित प्रश्नावली शामिल है। इसमें आवास की स्थिति, निर्माण सामग्री, परिवारों की खाद्य आदतें तथा दोपहिया और चारपहिया वाहनों के स्वामित्व जैसे सामाजिक-आर्थिक पहलुओं की जानकारी ली जाएगी।
पूर्ण सर्वेक्षण शुरू होने से पहले अधिकारियों को तीन दिनों का मैपिंग कार्य दिया गया है। इस दौरान वे अपने निर्धारित क्षेत्रों की पहचान करेंगे, स्थानीय परिस्थितियों को समझेंगे और घरों व परिवारों की संख्या का आकलन करेंगे। यह प्रारंभिक चरण 18 अप्रैल तक चलेगा।
वास्तविक जनगणना प्रक्रिया मैपिंग कार्य पूरा होने के बाद शुरू की जाएगी। एकत्रित सभी डेटा को डिजिटल रूप में संग्रहीत किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, सटीक और प्रशासनिक उपयोग के लिए सुलभ बन सके।
अधिकारियों के अनुसार, यह डिजिटल प्रणाली पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने में मदद करेगी तथा राज्य में डेटा-आधारित शासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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