-
बोले- एक तिहाई आरक्षण से नीति निर्माण में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नारी शक्ति वंदन टाउन हॉल कार्यक्रम में कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सपनों को पंख देने वाला ऐतिहासिक कदम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन चरण माझी ने कहा कि इस अधिनियम के जरिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे वे सीधे नीति निर्माण प्रक्रिया में भाग ले सकेंगी। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो समाज और राष्ट्र दोनों आगे बढ़ते हैं।
मुख्यमंत्री ने ओडिशा में जमीनी स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में 14.5 लाख महिलाएं निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्होंने सुभद्रा योजना और ‘लखपति दीदी’ पहल का जिक्र करते हुए कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महिला-नेतृत्व विकास’ के विजन का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि सशक्त महिलाएं ही समृद्ध ओडिशा और विकसित भारत की नींव हैं।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में समान प्रतिनिधित्व लोकतंत्र को और मजबूत बनाता है। वहीं उपमुख्यमंत्री व महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रभाती परिडा ने कहा कि ओडिशा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है।
प्रख्यात लेखिका डॉ प्रतिभा राय ने ओडिशा में महिलाओं के सम्मान की परंपरा की सराहना करते हुए महिलाओं से अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनु गर्ग, खिलाड़ी अनुराधा बिस्वाल और ओडिशी नृत्यांगना डॉ अरुणा मोहंती सहित कई गणमान्य अतिथियों ने इस पहल को परिवर्तनकारी बताते हुए इसकी सराहना की।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
