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आरक्षण और खाद्य सुरक्षा पर ओडिशा मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला

  •     उच्च शिक्षा कार्यक्रमों में एसटी को 22.5%, एससी को 16.25% और एसईबीसी को 11.25% आरक्षण

  •     गरीबों को मिलेगा अतिरिक्त 5 किलो मुफ्त चावल

  •     मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में 37वीं कैबिनेट बैठक

  •     सामाजिक सशक्तिकरण और खाद्य सुरक्षा पर अहम निर्णय

भुवनेश्वर। लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई ओडिशा मंत्रिमंडल की 37वीं बैठक में सामाजिक न्याय और खाद्य सुरक्षा से जुड़े दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। कुल 19 प्रस्तावों में से 16 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली, जिनमें 17वीं ओडिशा विधानसभा के छठे सत्र की समाप्ति से जुड़ा प्रस्ताव भी शामिल था। मुख्यमंत्री माझी ने खुद मीडिया को इन प्रमुख निर्णयों की जानकारी दी, जबकि शेष प्रस्तावों पर मुख्य सचिव अनु गर्ग ने जानकारी साझा की।

मंत्रिमंडल ने राज्य में पेशेवर और उच्च शिक्षा कार्यक्रमों में अभूतपूर्व आरक्षण वृद्धि को मंजूरी देते हुए अनुसूचित जनजातियों, अनुसूचित जातियों और सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए नया आरक्षण ढांचा लागू किया है। अब चिकित्सा, इंजीनियरिंग समेत सभी तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अनुसूचित जनजाति को 22.5%, अनुसूचित जाति को 16.25% और एसईबीसी को 11.25% आरक्षण मिलेगा। यह व्यवस्था राज्य के सभी विश्वविद्यालयों, उनसे संबद्ध कॉलेजों, आईटीआई, पॉलीटेक्निक, मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, डेंटल, नर्सिंग, कृषि, पशु चिकित्सा, आर्किटेक्चर सहित विभिन्न डिग्री, डिप्लोमा और प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों पर लागू होगी।

निर्णय ऐतिहासिक न्याय -मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि राज्य में एसटी आबादी 22% से अधिक और एससी  आबादी 17% से अधिक होने के बावजूद इनके लिए केवल 12% और 8% आरक्षण उपलब्ध था, जबकि एसईबीसी के लिए कोई प्रावधान ही नहीं था। उन्होंने इस निर्णय को “ऐतिहासिक न्याय” बताते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच की दिशा में बड़ा कदम कहा।

नए आरक्षण के प्रभाव से मेडिकल सीटों बढ़ोतरी

नए आरक्षण के प्रभाव से मेडिकल सीटों में एसटी सीटें 290 से बढ़कर 545, एससी सीटें 193 से बढ़कर 393 हो जाएंगी, जबकि एसईबीसी को पहली बार 272 सीटें मिलेंगी। इंजीनियरिंग में एसटी सीटें 5,349 से बढ़कर 10,030, एससी सीटें 3,566 से बढ़कर 7,244 और एसईबीसी को 5,015 सीटें मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने इस सशक्तिकरण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना को भी मंजूरी

राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना (एमएपीवाई) को भी मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए लागू इस योजना के तहत एनएफएसए और एसएफएसएस के सभी पात्र लाभार्थियों को मौजूदा कोटे के अलावा प्रत्येक व्यक्ति को प्रति माह अतिरिक्त 5 किलो मुफ्त चावल दिया जाएगा। इससे लगभग 1.96 करोड़ परिवारों के 3.28 करोड़ से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य हर माह औसतन 1.64 लाख मीट्रिक टन और सालाना 19.71 लाख मीट्रिक टन चावल मुफ्त वितरित करेगा। योजना पर वार्षिक व्यय लगभग 8,813 करोड़ अनुमानित है।

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह योजना ओडिशा की खाद्य सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य का कोई भी पात्र परिवार चावल की कमी से जूझे नहीं। कैबिनेट की यह बैठक समावेशी विकास और सामाजिक न्याय की दिशा में माझी सरकार के एक और बड़े कदम के रूप में देखी जा रही है।

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