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ओडिशा में सरकारी कर्मचारियों पर हमलों में 21% की बढ़ोतरी

  •     मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दी जानकारी

  •     दो वर्षों में 1,399 हमले, 1,083 गिरफ्तार

भुवनेश्वर। ओडिशा में सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को विधानसभा में आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले दो वर्षों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमलों के 1,399 मामले दर्ज हुए हैं। इन घटनाओं के सिलसिले में 1,083 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

सबसे ज्यादा मामले बालेश्वर से

बीजेडी विधायक प्रसन्न आचार्य के सवाल पर दिए गए जवाब में सामने आया कि सबसे अधिक 157 हमले बालेश्वर जिले में दर्ज हुए। इसके अलावा भुवनेश्वर, पुरी, अनुगूल, जाजपुर, राउरकेला, कंधमाल, कलाहांडी, नयागढ़, ढेंकानाल, रायगड़ा, केंदापड़ा और मयूरभंज जैसे जिलों में भी कई मामले रिपोर्ट हुए हैं।

फील्ड ड्यूटी वाले कर्मचारी ज्यादा निशाने पर

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिन कर्मचारियों पर हमले हुए उनमें डॉक्टर, पुलिसकर्मी, राजस्व, वन तथा आबकारी विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। ये हमले ज्यादातर फील्ड ऑपरेशन, प्रवर्तन कार्रवाई या जांच के दौरान हुए।

हमलों के कारण और बढ़ती चिंताएं

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि प्रवर्तन कार्रवाइयों से बढ़ती नाराजगी, सेवाओं में देरी और नागरिकों व प्रशासन के बीच अविश्वास जैसी वजहों से तनाव पैदा हो रहा है, जो कई बार हिंसा का रूप ले लेता है। सरकारी कर्मचारियों के एक वर्ग ने एहतियाती उपायों की कमी पर भी चिंता जताई है। यह मुद्दा तब और उभरकर सामने आया जब 15 फरवरी को भुवनेश्वर के खारवेलनगर क्षेत्र में एक बार कर्मचारी द्वारा आबकारी अधिकारियों पर हमले का मामला सामने आया।

सरकार का दावा-हर मामले में कार्रवाई

अधिकारियों का कहना है कि हर रिपोर्ट किए गए मामले में गिरफ्तारी की गई है। इसके बावजूद डॉक्टर, जो हमलों के सबसे अधिक शिकार होते हैं, ने कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर असंतोष जताते हुए मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग की है। यह बढ़ती घटनाएं राज्य में सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

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