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विपक्ष ने की कड़ी निंदा की मांग
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बीजू पटनायक का अपमान बताकर बीजेडी-कांग्रेस-सीपीएम ने एकजुट होकर किया विरोध
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विपक्ष ने प्रस्ताव लाने की मांग की
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में मंगलवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री और महानायक बीजू पटनायक पर दिए गए विवादित बयान को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। बीजेडी, कांग्रेस और सीपी(एम) के विधायक एकजुट होकर सदन में विरोध पर उतर आए और इसे ओड़िया अस्मिता पर हमला बताया। विपक्ष ने तुरंत चर्चा और निंदा प्रस्ताव पारित करने की मांग की।
प्रश्नकाल के दौरान शुरू हुए विरोध के बीच स्पीकर सुरमा पाढ़ी को सुबह 10:51 बजे से 11:30 बजे तक सदन स्थगित करना पड़ा। जीरो आवर में भी हंगामा जारी रहा।
बीजू पटनायक ओडिशा के स्वाभिमान के प्रतीक थे – प्रसन्न आचार्य
बीजेडी के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने स्थगन प्रस्ताव रखते हुए बीजू पटनायक के ऐतिहासिक योगदानों का उल्लेख किया, जिसमें 1947 में कश्मीर में पाकिस्तानी प्रयासों को नाकाम करने के लिए भारतीय जवानों को श्रीनगर पहुंचाना, 1945 में इंडोनेशिया के स्वतंत्रता संग्राम में मदद, और 1962 के चीन आक्रमण के दौरान फिर से देश की पुकार पर खड़े होना शामिल था। आचार्य ने कहा कि बीजू बाबू ओडिशा की शान और सम्मान हैं। यह हमला किसी एक नेता पर नहीं, पूरी ओड़िया पहचान पर है।
ओड़िया अस्मिता पर हमला – रामचंद्र कडाम
कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कडाम ने बयान को ओड़िया अस्मिता पर हमला बताते हुए दुबे पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग की। सीपी(एम) के विधायक लक्ष्मण मुंडा और बीजेडी के वरिष्ठ विधायक रणेंद्र प्रताप स्वाईं ने भी बयान की कड़ी निंदा की। कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद वाहिनीपति ने बीजू पटनायक को जगन्नाथ भगवान के साथ ओडिशा का वैश्विक चेहरा बताया और कहा कि किसी “कॉरपोरेट दलाल” द्वारा ऐसा अपमान कोई ओड़िया बर्दाश्त नहीं करेगा।
बीजू पटनायक पूरे देश की शान – भाजपा
इधर, भाजपा विधायक सरोज कुमार पाढ़ी ने कहा कि बीजू पटनायक ओडिशा ही नहीं, पूरे देश की शान हैं, लेकिन उन्होंने बीजेडी पर बीजू बाबू के प्रति “चुनिंदा सम्मान” दिखाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने चुनाव के दौरान बीजेडी पोस्टरों पर बीजू पटनायक की तस्वीर न रहने और घोषित बीजू भवन का निर्माण न होने पर सवाल उठाए।
स्पीकर के आश्वासन के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य
स्पीकर सुरमा पाढ़ी ने बताया कि बीजेडी विधायकों ने 30 मार्च को दो नोटिस और एक प्रस्ताव दिया है, जिसे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में लिया जाएगा। स्पीकर के आश्वासन के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से शुरू हुई।
घटना के बाद पूरे ओडिशा में नाराजगी देखी जा रही है। कई लोग मांग कर रहे हैं कि विधानसभा मजबूत संदेश दे, ताकि बीजू पटनायक की विरासत को कलंकित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त न किया जाए।
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