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एडीजी संजीव पंडा ने एंटी-नक्सल अभियान की सफलता की घोषणा की
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कहा-कठिन मिशन में मिली बड़ी सफलता
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156 माओवादी ढेर या समर्पण
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राज्य में भर्ती भी पूरी तरह बंद
भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस ने अपने एंटी-नक्सल अभियान की सफलता की घोषणा करते हुए कहा है कि राज्य अब माओवादी खतरे से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। एडीजी संजीव पंडा ने बताया कि यह मिशन बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन अपने सभी लक्ष्य हासिल कर चुका है।
पंडा ने कहा कि ओडिशा में अब माओवादी खतरा नहीं है। सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान 27 माओवादियों को ढेर किया, 9 को गिरफ्तार किया और ओडिशा में 78 तथा छत्तीसगढ़ में 42 माओवादियों को आत्मसमर्पण कराने में सफलता हासिल की। इस तरह कुल 156 माओवादी या तो मारे गए या समर्पण कर चुके हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में राज्य की नौ जिलों में माओवादी प्रभाव था। अब आठ जिले पूरी तरह माओ-मुक्त हैं और केवल कुछ गिने-चुने माओवादी ही सक्रिय बचे हैं। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण की समयसीमा समाप्त हो चुकी है और शेष माओवादी अब मुठभेड़ कार्रवाई का सामना करेंगे।
एडीजी पंडा ने अभियान के दौरान हुए बलिदानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कुल 239 जवानों ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन्स में अपनी जान गंवाई, जिनके साहस और समर्पण के बल पर ओडिशा माओ-मुक्त बन सका है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में माओवादी भर्ती पूरी तरह रुक चुकी है। पंडा ने आश्वासन दिया कि माओवादी प्रभाव को जड़ से खत्म करने के लिए अगले दो वर्षों तक अभियान जारी रहेगा।
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