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बीजद कॉरपोरेटरों की निष्ठा पर सवाल
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इस्तीफे की चर्चाओं से बढ़ा तनाव
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प्रभात बिस्वाल से गुप्त मुलाकातों और बीजद की त्वरित रणनीतिक बैठकों ने बढ़ाया सियासी तापमान
कटक। कटक में इन दिनों राजनीतिक गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। कई कॉरपोरेटरों की निष्ठा को लेकर उठ रहे सवालों ने पूरे शहर की राजनीतिक हवा गरमा दी है। सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि ये जनप्रतिनिधि निष्कासित वरिष्ठ नेता प्रभात बिस्वाल के साथ जा रहे हैं या अब भी बीजू जनता दल (बीजद) के साथ मजबूती से खड़े हैं।
बीते कुछ दिनों में घटनाक्रम तेजी से बदला है। दो दिन पहले प्रभात बिस्वाल ने लगातार कई बंद दरवाजे में बैठकें कीं, जिससे राजनीतिक समीकरण बदलने की अटकलों को और हवा मिली। इन बैठकों को स्थानीय प्रतिनिधियों को साधने और नई रणनीति बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
इन गतिविधियों के जवाब में बीजद भी सक्रिय हो गई है। वरिष्ठ नेता प्रताप जेना ने अगले ही दिन शक्ति-प्रदर्शन का संदेश देते हुए एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। यह बैठक वार्ड संख्या 44 के बीजद कॉरपोरेटर प्रदीप्त खुंटिया के निवास पर हुई, जहां मौजूदा राजनीतिक हालात और पार्टी की एकजुटता पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसी बीच कटक के कुछ कॉरपोरेटरों और चौद्वार के कुछ काउंसिलरों के इस्तीफा देने की चर्चाएं भी खूब फैल रही हैं। हालांकि किसी भी ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन अटकलों ने क्षेत्र में राजनीतिक अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। बीजद अपने गढ़ कटक में स्थिति संभालने की कोशिशों में जुटी है, जबकि विरोधी खेमे को पार्टी की मजबूती कमजोर करने का अवसर दिख रहा है।
प्रदीप्त खुंटिया ने कहा कि बैठक अचानक बुलाई गई थी, इसलिए सभी कॉरपोरेटरों को सूचना नहीं दी जा सकी। उन्हें आगामी बैठक में शामिल किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीडिया में फैली इस्तीफ़े की खबरों के बाद अगली रणनीति तय करने के लिए यह बैठक जरूरी थी। इस बीच प्रभात बिस्वाल ने भी कहा है कि उनके बारे में फैलाई जा रही बातें गलत व्याख्या पर आधारित हैं।
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