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एम्स भुवनेश्वर और एनएएमएस मिलकर करेंगे आयोजन
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चार राज्यों से 300 से ज्यादा डॉक्टर शामिल होंगे
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जाने-माने विशेषज्ञ अंग प्रत्यारोपण और स्वास्थ्य सेवा में एआई पर बोलेंगे
भुवनेश्वर। अंग प्रत्यारोपण की बढ़ती मांग को देखते हुए, जागरूकता बढ़ाने, संस्थागत तैयारियों को मजबूत करने, और दाता पूल का विस्तार करने तथा प्रत्यारोपण के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए नीतिगत रणनीतियों के साथ तालमेल बिठाने की तत्काल आवश्यकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर, राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी (एनएएमएस) के सहयोग से, 30 मार्च, 2026 (सोमवार) को “अंग प्रत्यारोपण और स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)” विषय पर एक प्रसार कार्यशाला-सह-क्षेत्रीय सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन करेगा।
इस पहल की घोषणा करते हुए एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक और सीईओ, प्रो (डॉ) आशुतोष बिस्वास ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य नैदानिक और अनुसंधान सेटिंग्स में एआई-संचालित उपकरणों की समझ और उन्हें अपनाने की प्रक्रिया को तेज़ करना है, साथ ही कार्यान्वयन, नैतिकता और विस्तार से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों का समाधान करना भी है।
इसमें चार राज्यों, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड, के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों से 300 से ज़्यादा डॉक्टरों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। इसमें एम्स पटना, एम्स देवघर, एम्स कल्याणी और एम्स भुवनेश्वर के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अन्य संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
इस सीएमई में आईआईटी भुवनेश्वर, पीजीआईएमईआर चंडीगढ़, नाइजर भुवनेश्वर, ओटीटीईटी, आइजर ब्रह्मपुर, आईजीआईएमएस पटना जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के जाने-माने विशेषज्ञ और साथ ही आरओटीटीओ और एसओटीटीओ जैसे राष्ट्रीय प्रत्यारोपण संगठनों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम एक व्यापक शैक्षणिक मंच के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें दो उच्च-प्रभाव वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया है: अंग प्रत्यारोपण और स्वास्थ्य सेवा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस। इसमें मुख्य भाषण, विशेषज्ञों के व्याख्यान, संस्थागत अंतर्दृष्टि, त्वरित तकनीकी अपडेट और पैनल चर्चाएं शामिल होंगी।
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