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बीजद और भाजपा में तीखी बहस
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दिल्ली में ‘बीजू नवीन इंस्पिरेशन फाउंडेशन’ को लेकर लगाए गए पोस्टर
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बीजद ने लगाया साजिश का आरोप, भाजपा ने मांगा जवाब
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में अनाम पोस्टरों के चलते बीजद और भाजपा के बीच नई बहस छिड़ गई। यह विवाद बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक के दिल्ली में ‘बिजू नवीन इंस्पिरेशन फाउंडेशन’ स्थापित करने की योजना को लेकर उभरा।
राजधानी के प्रमुख चौराहों, एजी चौक, 120 बटालियन चौक और रवींद्र मंडप चौक, पर अनाम पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों पर लिखा था कि दिल्ली में ट्रस्ट किसके हित के लिए? नवीन पटनायक, जवाब दो!
बीजद का रुख
बीजद विधायक ध्रुव साहू ने पोस्टरों को “नीच साजिश” करार दिया और कहा कि इसके पीछे लोग हमेशा पीछे से हमला करते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ओडिशा नवीन पटनायक और उनके परिवार के बलिदानों को जानता है। बीजू बाबू ने अपने पास की सारी संपत्ति दान की और नवीन बाबू ने अपने पुश्तैनी आनंद भवन को राज्य सरकार को सौंपा। कोई भी झूठी प्रचार रणनीति उनकी स्वच्छ छवि को धूमिल नहीं कर सकती।
बीजद मुख्य व्हिप प्रमिला मल्लिक ने भी समर्थन जताया और कहा, “अगर नवीन बाबू अपने पिता के नाम पर ट्रस्ट स्थापित करते हैं, तो दूसरों को इसका क्या लेना-देना? उन्होंने ओडिशा से एक भी रुपया नहीं लिया।
भाजपा ने पार्टी की भूमिका से इनकार किया
भाजपा विधायक संतोष खतुआ ने पार्टी की भूमिका से इनकार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस तरह के कामों में शामिल नहीं होती। इसके साथ ही उन्होंने नवीन पटनायक से पारदर्शिता की मांग की। खतुआ ने कहा, “अगर विपक्ष और जनता बिजू नवीन ट्रस्ट के बारे में सवाल पूछ रहे हैं, तो उन्हें जवाब देना चाहिए। वह जनता के प्रति जवाबदेह हैं। आज पोस्टर राजधानी में लगे हैं, कल ये गांवों में भी दिखाई दे सकते हैं। नवीन बाबू को सच्चाई बतानी चाहिए। उन्होंने वर्तमान स्थिति के लिए भ्रष्टाचार में शामिल लोगों और सार्वजनिक धन हड़पने वालों को जिम्मेदार ठहराया। राजनीतिक हलकों में अब यह विवाद और तेज होने की संभावना है, क्योंकि पोस्टरों ने बीजद और भाजपा के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा दिया है।
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