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11 आग्नेयास्त्र, जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन और माओवादी साहित्य पुलिस को सौंपे
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हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की शपथ ली
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सरकार देगी आर्थिक सहायता व पुनर्वास
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प्रत्येक माओवादी को 36 महीने तक हर महीने 10 हजार रुपये
कलाहांडी। कलाहांडी जिले के भवानीपाटना स्थित जिला पुलिस बैरक में 11 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। यह आत्मसमर्पण कार्यक्रम राज्य सरकार के 31 मार्च तक ओडिशा को माओवादी मुक्त बनाने के अभियान के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने 11 आग्नेयास्त्र, जिंदा गोलियां, मोबाइल फोन और माओवादी साहित्य पुलिस को सौंप दिया। उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की शपथ ली।
पुलिस के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक माओवादी को 36 महीने तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें आवास सुविधा और कौशल विकास के अवसर भी प्रदान किए जाएंगे, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
डीजीपी खुरानिया ने जंगलों में छिपे अन्य माओवादियों से भी 31 मार्च से पहले आत्मसमर्पण करने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार उनके पुनर्वास और समाज में पुनर्स्थापन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर एडीजी संजीव पंडा, आईजी दीपक कुमार, आईजी अमितेंद्र नाथ सिंह (सीआरपीएफ), डीआईजी अखिलेश्वर सिंह, डीआईजी कंवर विशाल सिंह (कोरापुट) तथा नुआपड़ा, कंधमाल और नवरंगपुर के पुलिस अधीक्षक भी मौजूद थे। कलाहांडी के पुलिस अधीक्षक नागराज देवरकोंडा ने आत्मसमर्पण कार्यक्रम का समन्वय किया।
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