-
बीजद ने चिटफंड मामले से बचने का लगाया आरोप
-
भाजपा ने कहा-दूरदृष्टि के अभाव में नेता छोड़ रहे हैं पार्टी
भुवनेश्वर। पूर्व बीजद सांसद रवींद्र जेना के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद ओडिशा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा और बीजू जनता दल (बीजद) आमने-सामने आ गए हैं और दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है।
पूर्व बीजद विधायक स्वरूप दास ने आरोप लगाया कि रवींद्र जेना ने चिटफंड घोटाले और केंद्रीय जांच एजेंसी से बचने के लिए भाजपा का दामन थामा है। उन्होंने कहा कि बीजद छोड़ने के पीछे जेना के पास कोई अन्य ठोस कारण नहीं था।
वहीं इस आरोप पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा विधायक संतोश खटुआ ने बीजद पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजद में दूरदृष्टि और मजबूत नेतृत्व की कमी है, यही कारण है कि पार्टी के नेता लगातार संगठन छोड़ रहे हैं।
खटुआ ने कहा कि नरेंद्र मोदी विश्व के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं और भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में हुए विकास कार्यों से लोग भाजपा की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजद अपनी कमजोरियों को छिपाने के लिए अलग-अलग समय पर अलग-अलग बहाने बना रही है। खटुआ ने कहा कि बीजद ने पहले भी अरविंद महापात्र, सनातन महाकुड़ और प्रभात बिस्वाल जैसे नेताओं को विभिन्न कारणों से निलंबित किया था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोग शासन और नेतृत्व को देखकर अपना निर्णय लेते हैं, लेकिन बीजद में प्रभावी नेतृत्व की कमी है। भाजपा में हाल ही में शामिल हुए एक नेता ने भी एक बैठक में कहा कि बीजद में अब मजबूत नेतृत्व नहीं बचा है और ऐसे में पार्टी का भविष्य लंबे समय तक टिकना मुश्किल हो सकता है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
