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विपक्ष का तीखा विरोध, नारेबाजी से ठप हुआ सदन
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कार्यवाही शुरू होने के मात्र सात मिनट के भीतर ही शोर-शराबे शुरू
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शोर-शराबे के बीच कार्यवाही 4 बजे तक स्थगित
भुवनेश्वर। धान खरीद में कथित अनियमितताओं और किसानों की समस्याओं को लेकर शनिवार को ओडिशा विधानसभा में भारी हंगामा हुआ। सदन की कार्यवाही शुरू होने के मात्र सात मिनट के भीतर ही शोर-शराबे के कारण इसे पहले 11:30 बजे तक और बाद में अपराह्न 4 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
इससे पहले सत्र की शुरुआत सुबह 10.30 बजे निर्धारित कार्यसूची के अनुसार हुई थी। अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने प्रश्नकाल का कार्यक्रम शुरु करने के लिए महिला व शिशु विकास विभाग की मंत्री तथा उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा को बुलाया। महिला एवं बाल विकास मंत्री प्रभाती परिडा प्रश्नों का उत्तर देने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन विरोधी विधायकों ने धान मंडी की समस्याओं, धान खरीद में अनियमितताओं और किसानों की अन्य परेशानियों को लेकर जोरदार हंगामा किया। उन्होंने अपने हाथों में बैनर और नारों के साथ सदन के बीच में जाकर नारेबाजी की। बीजद और कांग्रेस के सदस्य आसन के समक्ष आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हाथों में तख्तियां और पोस्टर लेकर विपक्षी सदस्यों ने धान मंडियों में कुप्रबंधन तथा किसानों की शिकायतों की अनदेखी का आरोप लगाया।
अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने बार-बार सदस्यों से अपने स्थान पर लौटने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की, किंतु हंगामा जारी रहा। स्थिति में सुधार न होने पर कार्यवाही पहले 11:30 बजे तक स्थगित की गई। पुनः आरंभ होने पर भी व्यवधान जारी रहने से सदन को 4 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप
विपक्ष के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह धान खरीद के मुद्दे पर चर्चा से बच रही है क्योंकि इससे उसकी विफलताएं उजागर होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर विषय पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है।
कांग्रेस विधायक दल के नेता रामचंद्र कड़ाम ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि किसान अपनी उपज लेकर मंडियों में प्रतीक्षा कर रहे हैं, परंतु उन्हें खरीद पर्ची नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं के समाधान के बजाय चुनावी तैयारियों में व्यस्त है।
सत्तापक्ष का पलटवार
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए भारतीय जनता पार्टी के विधायक सनातन बिजुली ने कहा कि विपक्ष जानबूझकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उनका कहना था कि विपक्ष राज्य के किसानों और महिलाओं के विकास में रुचि नहीं रखता और राजनीतिक लाभ के लिए सदन को ठप कर रहा है। लगातार गतिरोध के कारण दिनभर विधानसभा की सामान्य कार्यवाही प्रभावित रही और महत्वपूर्ण कार्य सूची पर चर्चा नहीं हो सकी।
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