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ओडिशा में साइंस सिटी और स्पेस इनोवेशन हब को मिलेगी रफ्तार

  •     केंद्रीय मंत्री से मिले कृष्ण चंद्र पात्र

  •     विज्ञान आधारित विकास मॉडल पर हुई उच्चस्तरीय चर्चा

भुवनेश्वर। ओडिशा के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर राज्य में प्रस्तावित साइंस सिटी और स्पेस इनोवेशन हब परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की। यह बैठक ओडिशा के वैज्ञानिक ढांचे और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बैठक में राज्य की क्षेत्रीय वैज्ञानिक प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार के राष्ट्रीय मिशनों के साथ जोड़ते हुए तकनीक आधारित विकास मॉडल पर विशेष जोर दिया गया।

भुवनेश्वर में 100 एकड़ में बनेगी विश्वस्तरीय साइंस सिटी

पात्र ने भुवनेश्वर के बाहरी क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय साइंस सिटी की स्थापना के लिए केंद्रीय सहयोग का अनुरोध किया। यह परियोजना युवाओं को प्रेरित करने हेतु आधुनिक प्रदर्शनी, इंटरएक्टिव मॉडल और अनुभवात्मक शिक्षण केंद्रों से युक्त होगी।

साइंस सिटी को विज्ञान शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की परिकल्पना की गई है, जिससे राज्य में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल को नई दिशा मिलेगी।

स्पेस इनोवेशन हब से स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहन

बैठक में एक समर्पित स्पेस इनोवेशन हब की स्थापना पर भी सहमति बनी, जो स्टार्टअप और शोध कार्यों को सहयोग प्रदान करेगा। इस पहल के तहत ओडिशा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (ओरसैक) तथा वीएसएसयूटी, बुरला जैसे संस्थानों की तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा।

इससे ओडिशा को सैटेलाइट डाटा अनुप्रयोग और स्पेस-टेक उद्यमिता के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

बायो-ई3 नीति के तहत बायो ई-सेल की स्थापना

राष्ट्रीय बायो-ई3 नीति के अनुरूप राज्य में बायो ई-सेल शुरू करने पर भी चर्चा हुई। ये सेल उच्च गुणवत्ता वाले जैव-उत्पादन, पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के विकास और प्रयोगशाला अनुसंधान को व्यावसायिक जैव-प्रौद्योगिकी उत्पादों में बदलने पर केंद्रित होंगे।

 ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में ओडिशा की महत्वपूर्ण भूमिका

पात्र ने केंद्रीय मंत्री के मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र के बीच यह समन्वय ओडिशा को भारत का अग्रणी वैज्ञानिक और औद्योगिक केंद्र बनाने की आधारशिला सिद्ध होगा।

डॉ जितेंद्र सिंह ने राज्य सरकार की सक्रिय पहल की सराहना करते हुए पूर्ण केंद्रीय सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ओडिशा की वैज्ञानिक प्रगति ‘विकसित भारत’ के संकल्प का अहम हिस्सा है और इन परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी और वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा। इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं से ओडिशा में विज्ञान, नवाचार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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