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धान खरीदी और भंडारण संकट पर उच्चस्तरीय बैठक

  •     मुख्य सचिव अनु गर्ग ने राइस मिलर्स के साथ की विस्तृत चर्चा

  •     समाधान का दिया भरोसा

भुवनेश्वर। ओडिशा में धान खरीदी प्रक्रिया को तेज और सुचारु बनाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव अनु गर्ग ने आज लोक सेवा भवन में ऑल ओडिशा राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सरकारी योजनाओं के तहत धान संग्रहण, चावल मिलिंग और आपूर्ति में आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शाश्वत मिश्रा, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार सिंह तथा ओडिशा राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के. सुदर्शन चक्रवर्ती सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मिलर्स एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष, सचिव और अन्य पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की।

कस्टम मिलिंग और आपूर्ति में लंबित मुद्दों पर चर्चा

मिलर्स ने बताया कि सरकारी धान खरीदी से लेकर कस्टम मिलिंग के माध्यम से चावल तैयार करने, राज्य को आपूर्ति और उसके बाद भारतीय खाद्य निगम द्वारा उठाव तक की पूरी प्रक्रिया में कई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आ रही हैं।

खरीफ विपणन सत्र 2024-25 के अंतर्गत खरीदे गए धान की कस्टम मिलिंग और समय पर चावल आपूर्ति पर विशेष चर्चा हुई। हालांकि 2025-26 का विपणन सत्र शुरू हो चुका है, फिर भी पिछले सत्र का लगभग 10 प्रतिशत कस्टम मिल्ड चावल अब भी लंबित है और उसकी आपूर्ति जारी है।

भंडारण की कमी और बढ़ती लागत से मिलर्स चिंतित

मिलर्स ने कहा कि नए धान और कस्टम मिल्ड चावल को एक साथ लंबे समय तक भंडारित करने से गोदामों में जगह की कमी और संरक्षण संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। राज्य खाद्य एवं आपूर्ति निगम के सहयोग से मिल परिसरों में अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था की गई है, लेकिन निर्धारित अवधि से अधिक स्टॉक रखने पर किराया और रखरखाव लागत बढ़ जाती है। एसोसिएशन ने धान खरीदी और चावल परिवहन पर मिलने वाली वित्तीय सहायता बढ़ाने की मांग की, ताकि बढ़ती लागत का समुचित वहन किया जा सके।

स्थायी समाधान के लिए बड़े भंडारण केंद्रों का प्रस्ताव

दीर्घकालिक समाधान के रूप में मिलर्स ने मुख्यमंत्री कृषि एवं उद्योग योजना के तहत राज्यभर में बड़े पैमाने पर धान भंडारण केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया। इससे भविष्य में भंडारण संकट से राहत मिल सकेगी।

मुख्य सचिव अनु गर्ग ने मिलर्स की समस्याओं को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि सभी मुद्दों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मिलर्स ने भी धान खरीदी और कस्टम मिल्ड चावल आपूर्ति में पूर्ण सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई, साथ ही सरकार से तंत्रगत समस्याओं के स्थायी समाधान की अपेक्षा जताई।

यह बैठक राज्य में खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने और कृषि आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाती है, जहां धान उत्पादन ओडिशा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।

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