भुवनेश्वर – तय तिथि से 17 दिन पूर्व ही ओडिशा विधानसभा को बंद कर देना अलोकतांत्रिक व असंवैधानिक है । कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तारा प्रसाद वाहिनीपति ने शुक्रवार को पत्रकारों द्वारा इस संबंध में पूछे गये सवाल के उत्तर में यह बात कही। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा को पहले बंद करना था, तो अधिक दिनों तक चलने की विज्ञप्ति क्यों प्रकाशित की गई थी। उन्होंने कहा कि पहले ओडिशा विधानसभा साल में 90 दिन बैठती थी, लेकिन बीजू जनता दल सरकार में आने के बाद धीरे-धीरे इसे कम किया जा रहा है। अब तो स्थिति यह हो गई है कि साल में 60 दिन भी विधानसभा की बैठक नहीं हो रही है। सरकार जब चाह रही है सदन को बंद कर रही है। राज्य सरकार मनमाने तरीके से सदन को चला रही है । इस कारण प्रदेश से संबंधित ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह कह रही है कि सदन के सामने कोई काम नहीं है। इस कारण सदन को बंद किया जा रहा है। वास्तव में यह गलत है, लेकिन मननाने तरीके से सदन को चलाने के कारण लोगों की समस्याओं पर चर्चा नहीं हो पा रही है ।
Check Also
ओडिशा में 2,067 एससी-एसटी अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
18वें रोजगार मेले में सेवक-सेविका के 1,913 और जनजातीय भाषा के 154 शिक्षकों …
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
