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सीपीआर से लेकर प्राथमिक उपचार तक सिखाए जीवनरक्षक कौशल, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का दिया प्रशिक्षण
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तेरापंथ युवक परिषद, मारवाड़ी युवा मंच एवं मारवाड़ी महिला समिति की संयुक्त पहल
भुवनेश्वर। समाज को आपातकालीन परिस्थितियों में जागरूक, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तेरापंथ भवन, भुवनेश्वर में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एवं तेरापंथ टास्क फोर्स (टीटीएफ) शौर्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। तेरापंथ युवक परिषद, मारवाड़ी युवा मंच एवं मारवाड़ी महिला समिति, भुवनेश्वर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को जीवन बचाने के लिए आवश्यक तकनीकों और प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक नमस्कार महामंत्र के मंगलाचरण से हुआ। इसके बाद परिषद के सदस्यों ने विजय गीत का संगान किया। तीनों संस्थाओं के अध्यक्ष जितेंद्र बैद, विनीत अग्रवाल एवं मंजू अग्रवाल ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सामाजिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में डॉ. प्रज्ञान राउतराय ने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की प्रक्रिया, आवश्यक सावधानियों और जीवनरक्षक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मैनिकिन के माध्यम से प्रतिभागियों को सीपीआर देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया, ताकि हृदय गति रुकने जैसी आपातकालीन स्थिति में समय रहते किसी व्यक्ति की जान बचाने के लिए उचित कदम उठाए जा सकें।
द्वितीय सत्र में टीटीएफ प्रशिक्षक जय चोरड़िया एवं हर्ष चोपड़ा ने दुर्घटना और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार के महत्व को समझाया। उन्होंने जलने, रक्तस्राव, हड्डी टूटने और गले में किसी वस्तु के फंसने जैसी स्थितियों में तत्काल अपनाए जाने वाले उपायों की जानकारी दी। इसके साथ ही घरेलू संसाधनों की मदद से अस्थायी स्ट्रेचर तैयार करने का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया और प्रशिक्षकों से विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से जुड़े सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। आयोजन के दौरान कार्यक्रम संयोजक राहुल मुणोत एवं राहुल दुगड़ के साथ ज्योति बांका एवं निकिता बागड़िया का विशेष सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के अंत में राहुल मुणोत ने आभार व्यक्त किया। वहीं, तेरापंथ युवक परिषद के मंत्री सौरव बेतला ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया।
आयोजकों ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में सही समय पर उठाया गया एक छोटा-सा कदम किसी व्यक्ति के लिए जीवनदान साबित हो सकता है। इसी सोच के साथ आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज में जीवनरक्षक कौशल, प्राथमिक उपचार और मानवीय सेवा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
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