भगवान सुदर्शन के पीछे-पीछे भगवान बलभद्र को उनके ‘तालध्वज रथ’ पर ले जाया गया। सेवक भगवान जगन्नाथ और भगवान बलभद्र की बहन देवी सुभद्रा को विशेष शोभा यात्रा निकालकर ‘दर्पदलन’ रथ तक लाए। आखिर में, भगवान जगन्नाथ को घंटियों की ध्वनि के बीच एक पारंपरिक शोभा यात्रा निकालकर ‘नंदीघोष’ रथ की ओर ले जाया जाएगा
Home / BUSINESS / Puri Rath Yatra: पुरी रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत, कई घायल
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