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सात महीने में 7,239 मामले
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जुलाई में ही 2,816 मरीज मिले
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स्थिति की समीक्षा के बाद 7 सितंबर को राज्य स्तरीय टीम करेगी दौरा
भुवनेश्वर। ओडिशा के मालकानगिरि जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले में पिछले सात महीनों में मलेरिया के 7,239 मामले सामने आए हैं, जबकि अकेले जुलाई में 2,816 मरीजों की पहचान हुई। इस वर्ष मलेरिया से अब तक तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है।
मामलों में तेजी से हुई वृद्धि को लेकर भुवनेश्वर के खरवेल भवन में स्वास्थ्य आयुक्त-सह-सचिव अश्वथी एस की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यबल की बैठक हुई। बैठक में जिले की मौजूदा स्थिति, मरीजों की पहचान और उपचार सहित मलेरिया नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
समीक्षा के बाद अतिरिक्त निदेशक (मच्छरजनित रोग) के नेतृत्व में राज्य की एक टीम 7 सितंबर को मालकानगिरि का दौरा करेगी। टीम जिले के विभिन्न प्रखंडों में मलेरिया की स्थिति का जायजा लेगी। विशेष रूप से स्वाभिमान क्षेत्र और आदिवासी आवासीय विद्यालयों में स्थिति की जांच की जाएगी।
राज्य स्तरीय टीम मरीजों की पहचान और उपचार, मच्छरदानी वितरण, रक्त जांच तथा जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा करेगी। दौरे के बाद टीम स्वास्थ्य विभाग को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2016 के बाद मालकानगिरि में मलेरिया के मामलों में काफी कमी आई थी, लेकिन वर्ष 2024 से संक्रमण फिर बढ़ने लगा है। जून से अक्टूबर के बीच मानसून के दौरान मच्छरों के प्रजनन के कारण मामलों में विशेष रूप से वृद्धि होती है। जिले के कुदुमुलुगुम्मा प्रखंड में ही कुल मामलों का करीब 40 प्रतिशत सामने आया है। यहां अब तक 2,858 मरीजों की पहचान हुई है।
मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रमों पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद मामलों में बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक स्तर पर भी सवाल उठाए गए हैं। बीजद के जिला अध्यक्ष मानस माडकामी ने मच्छरदानियों के वितरण की जांच की मांग करते हुए मलेरिया नियंत्रण व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाया है। विधायक मंगू खिल्ला ने भी मामले को विधानसभा में उठाने की चेतावनी दी है।
मालकानगिरि के मुख्य जिला चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अधिकारी डॉ मोहम्मद आबिद हुसैन ने कहा कि बारिश के मौसम में मलेरिया के मामले सामान्य तौर पर बढ़ते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि बारिश का मौसम समाप्त होने के साथ संक्रमण के मामलों में धीरे-धीरे कमी आएगी।
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