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महिला हिंसा के मामलों में सजा की दर 75% तक बढ़ाने का लक्ष्य
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ड्रग सिंडिकेट और जबरन वसूली पर सख्ती
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साइबर अपराध, डार्क वेब और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
भुवनेश्वर। राज्य पुलिस भवन में आयोजित राज्य स्तरीय डीजीपी एवं आईजीपी सम्मेलन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य की कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, साइबर अपराध और भविष्य की पुलिसिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए 10 प्रमुख दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस सुधार से जुड़े प्रस्तावों और प्राथमिकताओं को सरकार गंभीरता से ले रही है तथा इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक संसाधन, वित्तीय सहायता और प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य माध्यमों से पुलिस अधीक्षकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों से संवाद कर उनके जिलों में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देशों में जीरो टॉलरेंस नीति, सजा की दर बढ़ाना, नशामुक्त ओडिशा, तटीय एवं समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और डार्क वेब की निगरानी, खुफिया तंत्र को मजबूत करना, थानों का आधुनिकीकरण, नागरिकों के प्रति संवेदनशील पुलिसिंग, ‘दादा बटी’ एवं जबरन चंदा वसूली पर रोक तथा भ्रष्टाचार मुक्त एवं समर्पित पुलिसिंग शामिल हैं।
महिला हिंसा के मामलों में सजा की दर बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा और संगठित अपराध के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार राज्य में सजा की दर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और यह 40 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। उन्होंने इसे कम से कम 75 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
इसके लिए जांच प्रक्रिया को अधिक पेशेवर और तकनीक आधारित बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को आधुनिक तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि थाने में शिकायत लेकर आने वाला प्रत्येक व्यक्ति पीड़ित होता है। इसलिए पुलिसकर्मियों को आम नागरिकों के साथ विनम्र, संवेदनशील और भरोसेमंद व्यवहार करना चाहिए।
2029 तक ‘नशामुक्त ओडिशा’ का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वर्ष 2029 तक ओडिशा को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पुलिस को केवल नशीले पदार्थों की जब्ती और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहने, बल्कि इनके पीछे सक्रिय आपूर्ति श्रृंखला और वित्तीय सिंडिकेट को पूरी तरह खत्म करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक से राज्य में अपराध की दर को कम करने में भी मदद मिलेगी।
575 किलोमीटर तटरेखा की सुरक्षा पर जोर
ओडिशा की 575 किलोमीटर लंबी तटरेखा की सुरक्षा और समुद्री सीमा के जरिए होने वाली अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भुवनेश्वर में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, 10 ड्रोन, पांच ट्रॉलर और 10 आधुनिक इंटरसेप्टर बोट की खरीद की प्रक्रिया के साथ-साथ ऑल-टेरेन व्हीकल के माध्यम से समुद्र तट पर गश्त को मजबूत किया जा रहा है। समुद्री सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस अधिकारियों और पूर्व सैनिकों की सेवाएं भी ली जा रही हैं।
साइबर अपराध और डार्क वेब पर निगरानी
डिजिटल सर्विलांस के इस्तेमाल पर जोर
साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक और डिजिटल सर्विलांस के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने डार्क वेब पर निगरानी बढ़ाने तथा साइबर अपराध के प्रति लोगों में व्यापक जागरूकता पैदा करने का निर्देश दिया।
उन्होंने नैटग्रीड और सीसीटीएनएस के माध्यम से खुफिया तंत्र को और मजबूत करने तथा थानों के आधुनिकीकरण के लिए उपलब्ध कराए गए 50 करोड़ रुपये के विशेष जांच फंड और आवश्यक उपकरणों के प्रभावी इस्तेमाल पर भी जोर दिया।
‘हफता वसूली ’ और जबरन चंदा वसूली पर सख्ती
आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ‘दादा बाटी’ और अवैध तरीके से जबरन चंदा वसूली करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों और कारोबारियों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने को कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय हो, लेकिन निर्दोष नागरिक पुलिस से भयभीत न हों।
पिछले दो वर्षों में 17,794 नए पद सृजित
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों के दौरान पुलिस विभाग में 17,794 नए पद सृजित किए गए हैं, जबकि 5,817 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक संसाधनों से लैस करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि ओडिशा में माओवादी हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण, ओएसएसएफ बटालियनों और आकर्षक आत्मसमर्पण नीति के कारण राज्य को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सम्मान मिला है।
‘सुरक्षित ओडिशा सशक्त ओडिशा समृद्ध ओडिशा’ का आह्वान
सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों के साथ सीधे संवाद कर उनके कार्यक्षेत्र की समस्याओं और अनुभवों की जानकारी ली तथा निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
उन्होंने ओडिशा पुलिस के ‘ वि सर्व एंड प्रोटेक्ट ’ के आदर्श वाक्य को याद रखते हुए ‘सुरक्षित ओडिशा-सशक्त ओडिशा-समृद्ध ओडिशा’ के निर्माण में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का आह्वान किया।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने भी पुलिस की जनसेवा व्यवस्था को और बेहतर एवं मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने ओडिशा पुलिस को प्रतिष्ठित प्रेसिडेंट्स कलर आवार्ड मिलने पर पुलिस बल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पुलिस की निरंतर मेहनत और समर्पित सेवा के कारण राज्य में नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण और विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का शांतिपूर्ण संचालन संभव हुआ है।
विनयतोष मिश्र ने मुख्यमंत्री को आभार जताया
पुलिस महानिदेशक विनयतोष मिश्र ने मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के लिए आभार जताते हुए कहा कि साइबर सुरक्षा, असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियानों को और मजबूत किया जाएगा।
सम्मेलन में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, खुफिया निदेशक एवं पुलिस महानिदेशक आर.पी. कोचे, पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान) संजीव पंडा सहित राज्य के सभी डीजीपी और आईजीपी उपस्थित रहे।
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