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3,605 किलोग्राम खराब व मिलावटी खाद्य सामग्री नष्ट, 475 नमूने जांच के लिए संग्रहित
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₹2.84 लाख का जुर्माना वसूला गया
भुवनेश्वर, आगामी पर्व-त्योहारों के मद्देनजर राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने व्यापक जांच एवं प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. पोमा टुडु की निगरानी में राज्य के विभिन्न जिलों, उपखंडों और शहरी क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा रहा है।
अभियान के दौरान मिलावटी, खराब और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए खाद्य पदार्थों को मौके पर ही नष्ट किया जा रहा है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
अब तक चलाए गए इस अभियान में कुल 3,605 किलोग्राम खराब एवं मिलावटी खाद्य सामग्री नष्ट की गई है, जबकि 475 खाद्य नमूने आगे की जांच के लिए संग्रहित किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से कुल 2,84,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
अभियान के तहत बीएमसी, भुवनेश्वर क्षेत्र में सर्वाधिक 787 किलोग्राम खाद्य सामग्री नष्ट की गई। यहां से 61 खाद्य नमूने भी संग्रहित किए गए और 68,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह केएमसी, कटक में 570 किलोग्राम तथा आरएमसी, राउरकेला में 123 किलोग्राम खाद्य सामग्री मिलावट के कारण नष्ट की गई।
जिला स्तर पर भी खाद्य सुरक्षा टीमों ने व्यापक कार्रवाई की है। पुरी में 120 किलोग्राम, बालेश्वर में 98 किलोग्राम, ढेंकानाल में 95 किलोग्राम, केंद्रापड़ा में 95 किलोग्राम और सुंदरगढ़ में 70 किलोग्राम खराब अथवा मिलावटी खाद्य सामग्री नष्ट की गई।
जुर्माने के मामले में केंद्रापड़ा में 44,000 रुपये, ढेंकानाल में 28,000 रुपये और भद्रक में 31,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना तथा खाद्य कारोबारियों के बीच खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और निगरानी का अभियान जारी रहेगा। उपभोक्ताओं से भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता, साफ-सफाई और लेबलिंग की जांच करने की अपील की गई है।
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