-
नवीन पटनायक ने सरकार से किया सवाल
-
पूछा-डबल इंजन सरकार इस त्रासदी पर चुप क्यों?
-
13 मौतों ने हिला दिया ओडिशा
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजनीति में आज बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब 10 विपक्षी दलों, जिनमें बीजू जनता दल (बीजद) भी शामिल है, ने लोअर पीएमजी में संयुक्त धरना देकर 16 मार्च को एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू में लगी आग में 13 मरीजों की मौत को लेकर तीव्र विरोध दर्ज कराया। विपक्ष ने इस हादसे को सरकारी लापरवाही का परिणाम बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
धरने के दौरान वरिष्ठ बीजद नेता देवी प्रसाद मिश्र ने विपक्ष के नेता और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक का लिखित वक्तव्य पढ़कर सुनाया।
13 मौतों पर हम कैसे चुप रह सकते हैं – नवीन
नवीन ने कहा कि मेरे लिए हर जीवन की कीमत अपार है। ओडिशा की मिट्टी के 13 निर्दोष लोगों की जान सरकार की लापरवाही से गई है। ऐसे में मैं कैसे चुप रह सकता हूं? हम कैसे चुप रह सकते हैं?
उन्होंने कहा कि इस आग ने न केवल जीवन छीने, बल्कि कई परिवारों के सपने भी जला दिए और राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर लोगों के भरोसे को गहरा आघात पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि एससीबी मेडिकल कॉलेज का गौरव, ओडिशा की स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता और साढ़े चार करोड़ ओड़ियाओं का विश्वास सब एक बड़े संकट में हैं।
नवीन पटनायक ने सत्तारूढ़ भाजपा पर सीधा निशाना साधते हुए पूछा कि जो सरकार खुद को जनता की सरकार कहती है, उस डबल इंजन सरकार की जिम्मेदारी कहां चली गई? ओड़ियाओं के अपार समर्थन से बनी इस सरकार के मंत्रियों की मानवता कहां खो गई?
सरकार को जवाबदेह होने की मांग
उन्होंने चेतावनी दी कि भाजपा सरकार ओडिशावासियों की जान जोखिम में डालकर अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती। नवीन ने कहा कि सरकार को जवाबदेह होना ही पड़ेगा। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि उनकी सरकार के दौरान ऐसे संवेदनशील मामलों में कठोर कार्रवाई का उदाहरण हमेशा रहा है। उन्होंने प्रार्थना की कि भविष्य में ऐसी त्रासदियां दोबारा न हों और राज्य के प्रमुख अस्पतालों में जनता का भरोसा पुनः स्थापित हो।
संयुक्त धरना में निंदा की
संयुक्त धरना में विभिन्न विपक्षी दलों ने एकजुट होकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों और सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफलता की निंदा की। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि वह जवाबदेही तय करने, स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग पर अडिग है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
