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स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष ने फिर किया हंगामा
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प्रश्नकाल से लेकर शून्यकाल तक बाधित हुई कार्यवाही
भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा में सोमवार को लगातार नौवें दिन भी कार्यवाही ठप रही। एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आईसीयू आग हादसे में हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्ष ने एक बार फिर सदन में जोरदार हंगामा कर दिया। बीजद, कांग्रेस और माकपा (सीपीआई-एम) के विधायकों ने किसी भी कीमत पर स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा लिए बिना सदन चलने नहीं देने का ऐलान किया है।
सरकार, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की अपीलों तथा स्पीकर सुरमा पाढ़ी द्वारा बुलाई गई कई सर्वदलीय बैठकों के बावजूद सदन सामान्य रूप से नहीं चल सका। प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी विधायक पोस्टर लेकर नारेबाजी करने लगे और वेल में उतर आए। भारी शोर-शराबे के बीच स्पीकर को बार-बार सदन स्थगित करना पड़ा।
शोक प्रस्ताव के बाद शुरू हुआ हंगामा
दिन की शुरुआत पूर्व विधायक नारायण साहू को श्रद्धांजलि देने से हुई। उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने शोक प्रस्ताव पेश किया, जिसका समर्थन विपक्ष के नेता नवीन पटनायक, कांग्रेस नेता रामचंद्र कडाम और माकपा विधायक लक्ष्मण मुंडा ने किया। दिवंगत नेता की स्मृति में सदन ने एक मिनट का मौन रखा।
लेकिन प्रश्नकाल शुरू होते ही माहौल बदल गया। कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन भाजपा विधायक प्रताप चंद्र नायक के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, तभी विपक्षी सदस्य वेल में पहुंचकर सवाल-जवाब की प्रक्रिया रोक दी। मजबूर होकर स्पीकर ने सदन को सुबह 10:46 से 11:30 बजे तक स्थगित किया।
शून्यकाल में भी जारी रहा विरोध
11:30 बजे सदन पुनः शुरू हुआ, लेकिन शून्यकाल में भी जोरदार विरोध जारी रहा। भाजपा विधायकों प्रताप चंद्र नायक, अशोक मोहंती और विभूति भूषण प्रधान ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि नौ दिन का लगातार व्यवधान जनता के मुद्दों पर चर्चा को बाधित कर रहा है।
शांति बहाल करने के प्रयास में स्पीकर ने एक और सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसके बाद सदन को 11:56 बजे से 1:00 बजे तक स्थगित किया गया। पुनः दो बार 10-10 मिनट के लिए कार्यवाही रोकी गई। समाधान न निकलते देख उपाध्यक्ष भावनी शंकर भोई ने सदन को शाम 4:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
बजट सत्र प्रभावित, गतिरोध जारी
सरकार ने विपक्ष से कई बार चर्चा के लिए आगे आने की अपील की। मुख्यमंत्री ने खुद विपक्ष के नेता नवीन पटनायक से सहयोग की मांग की, लेकिन विपक्ष ने साफ कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा ही उनका एकमात्र एजेंडा है। लगातार गतिरोध के कारण बजट सत्र की महत्वपूर्ण विधायी व वित्तीय कार्यवाही अधर में है। फिलहाल किसी सहमति के संकेत नहीं दिख रहे हैं और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी सदन में यही स्थिति बनी रह सकती है।
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