-
मोस्ट वांटेड माओवादी सुक्रू की तलाश में जुटी सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता
-
कई हथियार और उपकरण बरामद
फुलबाणी। ओडिशा के कंधमाल जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों को बड़ा झटका देते हुए एक अवैध देशी हथियार निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई मोस्ट वांटेड माओवादी सुक्रू की तलाश के दौरान की गई।
शनिवार को बामुनिगांव थाना क्षेत्र के पणसपदर गांव में बीएसएफ के जवानों द्वारा चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान यह फैक्ट्री पकड़ी गई। अभियान के दौरान तैयार देशी सिंगल बैरल बंदूकें, बैरल, कटर और हथियार बनाने के कई उपकरण जब्त किए गए।
संयुक्त अभियान में कई बल शामिल
यह ऑपरेशन कंधमाल जिले में चलाए जा रहे व्यापक एंटी-माओवादी अभियान का हिस्सा है। इस अभियान में विशेष अभियान समूह (एसओजी), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित कई सुरक्षा एजेंसियां शामिल हैं।
सुरक्षा बल कंधमाल, कलाहांडी और रायगड़ा जिलों के त्रि-संगम क्षेत्र के घने जंगलों में सावधानीपूर्वक आगे बढ़ रहे हैं, जहां माओवादी नेता के छिपे होने की आशंका है।
55 लाख का इनामी है सुक्रू
मालकानगिरि का रहने वाला सुक्रू भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का राज्य समिति सदस्य है और उस पर 55 लाख रुपये का इनाम घोषित है। वह करीब 13 माओवादी कैडरों के छोटे समूह का नेतृत्व कर रहा है।
हालिया मुठभेड़ से माओवादियों को झटका
पिछले महीने नंदाबाली आरक्षित वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में उसके डिप्टी प्लाटून कमांडर जोगेश और एक अन्य सदस्य रत्ना के मारे जाने से माओवादी संगठन को बड़ा नुकसान हुआ था।
आत्मसमर्पण पर विचार, लेकिन अंदरूनी विरोध
सूत्रों के अनुसार सुक्रू अब आत्मसमर्पण करने पर विचार कर रहा है, लेकिन संगठन के भीतर ही उसके कुछ सहयोगी इसका विरोध कर रहे हैं। बताया गया है कि उसने पहले अपने ही एक साथी अन्वेष उर्फ रेनू की हत्या कर दी थी, ताकि वह आत्मसमर्पण न कर सके।
सुरक्षा बलों का अभियान जारी
सुरक्षा बल ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से लगातार सुक्रू की तलाश में जुटे हैं। कंधमाल और आसपास के इलाकों में यह अभियान और तेज कर दिया गया है, जिससे माओवादियों की गतिविधियों पर लगाम लगाने में मदद मिल रही है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
