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उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के दिए निर्देश
भुवनेश्वर। ओडिशा में औद्योगिकीकरण को गति देने के उद्देश्य से उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव हेमंत शर्मा सहित ओडिशा औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (इडको) और ओडिशा औद्योगिक संवर्धन और निवेश निगम (आईपीआईसीओएल) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में उच्चस्तरीय स्वीकृति प्राधिकरण और राज्यस्तरीय एकल खिड़की स्वीकृति प्राधिकरण से अनुमोदित परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को क्रियान्वित करने तथा टीम भावना से कार्य करने के निर्देश दिए।
राज्य में सरकार के दूसरे वर्षगांठ के अवसर पर उद्योग विभाग के लिए जून 2026 तक 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अब तक 394 परियोजनाओं को स्वीकृति
मंत्री ने कहा कि औद्योगिकीकरण राज्य की आर्थिक प्रगति की आधारशिला है। अब तक 394 परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें 8.15 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 5 लाख से अधिक रोजगार सृजन की संभावना है। इनमें से 108 परियोजनाओं में 2.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ शिलान्यास या उद्घाटन हो चुका है, जिससे लगभग 1.75 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। सरकार ने शेष परियोजनाओं को शीघ्र लागू कर युवाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना लक्ष्य
इन इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने के लिए उन्हें तेजी से लागू करने पर चर्चा की। स्वाईं ने सभी डिपार्टमेंट के अधिकारियों को एक टीम की तरह काम करने और पहले से तय टारगेट को पूरा करने के लिए सख्त टाइमलाइन का पालन करने का निर्देश दिया। राज्य में भाजपा सरकार की दूसरी सालगिरह पर उन्होंने इंडस्ट्रीज डिपार्टमेंट के लिए एक बड़ा लक्ष्य रखा और वह है जून 2026 तक 3 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा के इन्वेस्टमेंट वाले प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करना।
आर्थिक तरक्की में इंडस्ट्रियलाइजेशन की अहम भूमिका
ओडिशा की आर्थिक तरक्की में इंडस्ट्रियलाइजेशन की अहम भूमिका पर ज़ोर देते हुए मंत्री ने कहा कि इंडस्ट्रियलाइजेशन राज्य की आर्थिक तरक्की की नींव है। उन्होंने बताया कि एसएलएसडब्ल्यूसीए और एचएलसीए के जरिए कुल 394 प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी गई है। जिनमें कुल 8.15 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट है और 5 लाख से ज़्यादा रोज़गार के मौके पैदा होने की संभावना है।
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