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सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक निःशुल्क उपचार
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112 सेवा से त्वरित सहायता भी मिलेगी
भुवनेश्वर। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर कम करने और घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ‘प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार (पीएम राहत)’ योजना लागू करने जा रही है। इस संबंध में लोक सेवा भवन में मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय तैयारी बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव देवरंजन कुमार सिंह, वाणिज्य एवं परिवहन विभाग के आयुक्त-सह-सचिव एनबीएस राजपूत, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की आयुक्त-सह-सचिव अस्वथी एस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. बृंधा डी, राज्य परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर तथा अपराध शाखा के महानिदेशक विनयतोष मिश्र सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिला कलेक्टर आभासी माध्यम से जुड़े।
अधिकतम सात दिनों तक का निःशुल्क उपचार मिलेगा
योजना के तहत दुर्घटना के 24 घंटे के भीतर अस्पताल में भर्ती प्रत्येक पीड़ित को अधिकतम सात दिनों तक या 1.5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार मिलेगा, जिसका खर्च मोटर वाहन दुर्घटना कोष से वहन किया जाएगा। त्वरित सहायता के लिए योजना को 112 आपात सेवा से जोड़ा गया है, ताकि दुर्घटना स्थल पर तुरंत मदद पहुंच सके। अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी आधारित प्रणाली लागू की गई है।
24 में विवरण ई-डीएआर पोर्टल पर अपलोड करना होगा
पुलिस विभाग को 24 घंटे के भीतर दुर्घटना का विवरण ई-डीएआर पोर्टल पर अपलोड करना होगा, जिसके आधार पर अस्पताल लेनदेन प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से दावा प्रस्तुत करेंगे। राज्य स्तर पर इसकी निगरानी राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के तहत होगी, जबकि जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति क्रियान्वयन की देखरेख करेगी। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में प्रतिदिन औसतन 16 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हो रही है, ऐसे में ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान त्वरित उपचार सुनिश्चित कर जीवन बचाना सरकार की प्राथमिकता है।
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