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आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में अर्थव्यवस्था का सशक्त और संतुलित विकास चित्र सामने आया
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राष्ट्रीय औसत से तेज विकास दर
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कृषि से उद्योग तक मजबूत प्रदर्शन
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार द्वारा प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का सशक्त और संतुलित विकास चित्र सामने आया है। सकल राज्य घरेलू उत्पाद, प्रति व्यक्ति आय, कृषि, उद्योग, आधारभूत संरचना और सामाजिक विकास जैसे अधिकांश संकेतकों में ओडिशा ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है।
वर्ष 2025-26 में प्रचलित मूल्यों पर ओडिशा का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 9.9 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो पिछले वर्ष के 9 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 9.5 प्रतिशत अधिक है। वास्तविक विकास दर 7.9 प्रतिशत अनुमानित है, जो गत वर्ष 7.2 प्रतिशत से अधिक तथा राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत से ऊपर है। सार्वजनिक और निजी निवेश में वृद्धि से सभी क्षेत्रों में मजबूती आई है।
प्रति व्यक्ति आय में तेज वृद्धि
राज्य की प्रति व्यक्ति आय 9.2 प्रतिशत बढ़कर 1,86,761 रुपये हो गई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि 6.9 प्रतिशत रही। इससे राज्य राष्ट्रीय आय स्तर के साथ तेजी से सामंजस्य स्थापित कर रहा है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
कुल श्रम बल भागीदारी दर 2022 में 58.1 प्रतिशत से बढ़कर 2024 में 64.5 प्रतिशत हो गई, जो राष्ट्रीय औसत 59.6 प्रतिशत से अधिक है। महिला श्रम भागीदारी दर 37.6 प्रतिशत से बढ़कर 48.7 प्रतिशत पहुंची, जो राष्ट्रीय औसत 40.3 प्रतिशत से काफी ऊपर है।
कृषि क्षेत्र का सशक्त योगदान
राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि और संबद्ध क्षेत्र का योगदान 19.6 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 16.8 प्रतिशत से अधिक है। इस क्षेत्र में 5.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 3.1 प्रतिशत रही। कपास, मक्का, सब्जियों और मसालों जैसी फसलों में विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ रही है।
रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन
वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन 150.5 लाख मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा। चावल उत्पादन 118.6 लाख मीट्रिक टन रहा, जिसे समृद्ध कृषक योजना और मुख्यमंत्री किसान योजना जैसी पहलों से समर्थन मिला।
किसानों को व्यापक समर्थन
20 लाख किसानों से 92.6 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की गई। न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूप में 21,300 करोड़ रुपये और 7,140 करोड़ रुपये की निवेश सहायता प्रदान की गई। रागी की खरीद दोगुनी हुई।
सिंचाई और फसल तीव्रता में सुधार
सिंचाई क्षमता 74.2 लाख हेक्टेयर तक विस्तारित हुई। फसल तीव्रता 2020-21 के 158 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 165 प्रतिशत हो गई।
दुग्ध, पोल्ट्री और मत्स्य क्षेत्र में प्रगति
दूध उत्पादन 3 प्रतिशत बढ़कर 27.1 लाख मीट्रिक टन हुआ। अंडा उत्पादन 2020-21 के 242 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में 406 करोड़ हो गया। ओडिशा देश का चौथा सबसे बड़ा मछली उत्पादक और तीसरा सबसे बड़ा समुद्री निर्यातक बनकर उभरा है। कुल मछली उत्पादन 11.92 लाख मीट्रिक टन रहा।
उद्योग और निवेश में तेजी
राज्य के सकल मूल्य वर्धन में उद्योग क्षेत्र का योगदान 41.3 प्रतिशत है, जिसका मूल्य 3.6 लाख करोड़ रुपये है। विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 8.3 प्रतिशत अनुमानित है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
वर्ष 2025 में 244 नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिनमें 5.66 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। 80 परियोजनाएं लागू होकर 1.4 लाख रोजगार सृजित कर चुकी हैं।
सेवा क्षेत्र का विस्तार
सेवा क्षेत्र का योगदान 39.1 प्रतिशत है और इसमें 9.3 प्रतिशत वृद्धि अनुमानित है। वित्तीय सेवाओं में 11.9 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
मजबूत वित्तीय प्रबंधन
पूंजीगत व्यय का सकल राज्य घरेलू उत्पाद से अनुपात 6.6 प्रतिशत निर्धारित किया गया है, जो प्रमुख राज्यों में सर्वाधिक है। ऋण अनुपात 13.6 प्रतिशत पर नियंत्रित है, जबकि ब्याज भुगतान का राजस्व प्राप्ति से अनुपात 2.8 प्रतिशत है, जो वित्तीय स्थिरता को दर्शाता है।
आधारभूत संरचना में तेजी
बंदरगाह – राज्य में पारादीप, धामरा और गोपालपुर बंदरगाह संचालित हैं। पारादीप बंदरगाह ने वर्ष 2024-25 में देश के कुल माल ढुलाई का लगभग 18 प्रतिशत संभाला।
रेल और वायु संपर्क
रेल नेटवर्क 3,243 किलोमीटर तक विस्तारित हुआ। यात्री संख्या में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई।
राज्य में पांच हवाई अड्डे संचालित हैं और 30 शहरों से सीधा संपर्क स्थापित हुआ है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश
सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय 2019-20 के 6,200 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 19,700 करोड़ रुपये हो गया। 8,500 से अधिक सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान संचालित हैं।
विद्यालय शिक्षा बजट में दो वर्षों में 38.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई। 84 प्रतिशत विद्यालयों में अंतरजाल सुविधा उपलब्ध है। भुवनेश्वर स्थित ओडिशा विश्व कौशल केंद्र में 93 प्रतिशत नियोजन दर दर्ज की गई है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय
जीविका पहलों के तहत 16.42 लाख ‘लखपति दीदी’ तैयार की गईं। उच्च शिक्षा में 34.3 प्रतिशत नामांकन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों से है। उद्योग क्षेत्र में इन समुदायों की भागीदारी 31.7 प्रतिशत तक पहुंची है।
खेल और युवा विकास
राज्य वर्ष 2025-26 में खेल और युवा सेवाओं के लिए 1,319 करोड़ रुपये आवंटित कर स्वयं को देश की खेल राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। छह जिलों को क्षेत्रीय खेल केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
समावेशी और संतुलित विकास की दिशा
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 दर्शाता है कि कृषि की मजबूती, उद्योग विस्तार, वित्तीय अनुशासन, महिला भागीदारी में वृद्धि और आधारभूत संरचना में निवेश के बल पर ओडिशा देश के तीव्र गति से विकसित और वित्तीय रूप से सुदृढ़ राज्यों में अपना स्थान मजबूत कर रहा है।
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