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खरीद में अनियमितता और किसानों की समस्याओं को लेकर बीजद और कांग्रेस का प्रदर्शन
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बजट सत्र के तीसरे दिन भी नहीं चला प्रश्नकाल व शून्यकाल का कार्यक्रम
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विपक्ष का सरकार पर किसान विरोधी नीतियों का आरोप
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बार-बार स्थगित हुई कार्यवाही
भुवनेश्वर। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर आज भी ओडिशा विधानसभा में विपक्षी दल बीजद और कांग्रेस के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया। इसके कारण बजट सत्र के तीसरे दिन के पूर्वाह्न में प्रश्नकाल व शून्यकाल का कार्यक्रम नहीं चल पाया। स्पीकर ने पहले सदन को 11:30 बजे तक और बाद में अपराह्न 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सदन की कार्यवाही सुबह 10:30 बजे शुरू हुई। स्पीकर सुरमा पाढ़ी प्रश्नकाल शुरू कराना चाहती थीं और विधायक संजली मुर्मू के प्रश्न का उत्तर देने के लिए मंत्री मुकेश महालिंग को बुलाया गया। मंत्री उत्तर दे ही रहे थे कि विपक्षी सदस्यों ने शुरुआत से ही हंगामा शुरू कर दिया।
कटनी-छंटनी पर नारेबाजी की तथा बैनर भी लहराए
विपक्षी विधायकों ने धान मंडियों की समस्या, धान खरीद में अनियमितता तथा किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार की कथित किसान-विरोधी नीतियों, मंडी व्यवस्था और कटनी-छंटनी के मुद्दे पर नारेबाजी की तथा बैनर भी लहराए।
स्पीकर अपील पर ध्यान नहीं
स्पीकर ने बार-बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटकर कार्यवाही चलाने में सहयोग करने का अनुरोध किया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद सदन को 11:30 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
11:30 बजे पुनः कार्यवाही शुरू होने पर भी स्थिति जस की तस रही। बीजद और कांग्रेस के सदस्य फिर नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए और हंगामा जारी रखा। अंततः स्पीकर ने 11:35 बजे सदन को अपराह्न 4 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी।
मुख्यमंत्री की ओर से संसदीय कार्य मंत्री ने दिया जवाब
सदन के भीतर शोर-शराबे के बीच संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की ओर से सवालों के जवाब दिए। हालांकि विपक्षी सदस्य नारेबाजी जारी रखते रहे और कुछ सदस्य अध्यक्ष की आसंदी की ओर बढ़ने का प्रयास भी करते दिखे, जिन्हें सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया।
सदन के बाहर भी आरोप-प्रत्यारोप तेज
सदन के बाहर बीजू जनता दल के विधायक गौतम बुद्ध दास ने खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों की अनदेखी कर रही है।
कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है और मुफ्त बिजली जैसी घोषणाओं पर अमल नहीं हो रहा है।
वहीं वरिष्ठ भाजपा विधायक जय नारायण मिश्र ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष सदन के भीतर बहस करने के बजाय कार्यवाही बाधित कर अपनी ही बात कमजोर कर रहा है। उन्होंने कहा कि रचनात्मक चर्चा से सरकार पर अधिक दबाव बनाया जा सकता था।
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