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मोहन चरण माझी ने विधानसभा में दी जानकारी
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कहा-समाधान के लिए प्रतिबद्ध है सरकार
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छत्तीसगढ़ से मंत्रीस्तरीय और तकनीकी स्तर पर चल रही बातचीत
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विधानसभा में जानकारी दी कि महानदी जल विवाद को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मंत्रीस्तरीय समितियों के माध्यम से बातचीत लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला न्यायाधिकरण के समक्ष विचाराधीन होने के बावजूद दोनों राज्य सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सदस्यों रणेंद्र प्रताप स्वाईं और अरुण कुमार साहू के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि नई दिल्ली में सचिव स्तर की तीन बैठकें आयोजित हो चुकी हैं, जबकि संयुक्त तकनीकी समिति की ग्यारह बैठकें भी संपन्न हो चुकी हैं।
तकनीकी समिति का गठन, निरंतर संवाद जारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि ओडिशा सरकार ने अपनी तकनीकी समिति का गठन किया है और मंत्रीस्तरीय तंत्र के माध्यम से छत्तीसगढ़ के साथ नियमित संवाद बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय की गंभीरता को भली-भांति समझती है और न्यायपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
रबी सत्र 2025-26 पर प्रभाव का आंकड़ा प्रस्तुत करना संभव नहीं
जल बंटवारे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि मामला न्यायिक प्रक्रिया में है, इसलिए वर्ष 2025-26 के रबी सत्र में कृषि और अन्य क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित सटीक आंकड़े प्रस्तुत करना संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से राज्य सरकार गतिरोध दूर करने के लिए अनेक कदम उठा चुकी है।
महानदी ओडिशा की जीवनरेखा, हितों की रक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री माझी ने दोहराया कि महानदी ओडिशा की जीवनरेखा है और राज्य सरकार इस विवाद को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि ओडिशा के जल हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।
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