भुवनेश्वर – मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी ने आज ओडिशा की प्रसिद्ध शक्तिपीठ माँ तारातारिणी के पावन स्थल से ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 201 नवदंपतियों का ओड़िया रीति-रिवाजों के अनुसार सामूहिक विवाह संपन्न हुआ।
मुख्यमंत्री स्वयं विवाह मंडप में कर्ता के रूप में उपस्थित रहे और हवन कुंड में आहुति प्रदान कर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने माँ तारातारिणी से नवविवाहित जोड़ों तथा समस्त ओडिशावासियों के सुखमय जीवन की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा को सशक्त करने की दिशा में राज्य सरकार की एक अभिनव पहल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ऐसा ओडिशा बनाना है जहाँ कोई भी कन्या आर्थिक कमजोरी या सामाजिक दबाव के कारण बाल विवाह के लिए मजबूर न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा, “बेटियाँ माता-पिता के लिए बोझ नहीं, बल्कि ईश्वर का आशीर्वाद हैं।” उन्होंने बताया कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर विवाह का बोझ कम करने, महिलाओं के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने, विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने तथा दहेज प्रथा पर अंकुश लगाने में सहायक होगी।
योजना के अंतर्गत पात्र कन्याओं को कुल 60 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें 45 हजार रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में और 15 हजार रुपये विवाह आयोजन हेतु व्यय किए जाएंगे। इस योजना में शामिल होने के लिए कन्या की आयु 18 से 35 वर्ष तथा वर की आयु 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है और दोनों का ओडिशा का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक यह योजना राज्य के सभी जिलों में लागू की जाएगी, जिसके लिए बजट में 59 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।
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