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कैबिनेट ने ‘राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद’ को दी मंजूरी

  •  ओडिशा में शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

  • बुनियादी और अनुप्रयुक्त विज्ञान में अनुसंधान को मिलेगा नया मंच

भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने राज्य में वैज्ञानिक शोध और तकनीकी नवाचार को नई गति देने के उद्देश्य से ‘ओडिशा राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद’ के गठन को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।

विज्ञान और तकनीक के समन्वय से सामाजिक-आर्थिक विकास का लक्ष्य

राज्य सरकार के अनुसार, यह परिषद विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ओडिशा के विकास प्रयासों की एक अहम पहल होगी। परिषद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्य करेगी और विज्ञान, तकनीक तथा नवाचार को सामाजिक-आर्थिक प्रगति से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाएगी।

छात्रों और आमजन में वैज्ञानिक सोच को मिलेगा बढ़ावा

परिषद का एक प्रमुख उद्देश्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी को आम जनता, विशेषकर छात्रों के बीच लोकप्रिय बनाना है। इसके लिए विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, ताकि समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और तार्किक सोच को प्रोत्साहन मिले।

शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच मजबूत सेतु

नई परिषद के माध्यम से ओडिशा में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) की गुणवत्ता और प्रासंगिकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके तहत विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत किया जाएगा, जिससे शोध के परिणामों को व्यावहारिक उपयोग और औद्योगिक विकास से जोड़ा जा सके।

14 उप-योजनाओं के साथ अम्ब्रेला स्कीम

‘ओडिशा राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद’ को एक अम्ब्रेला योजना के रूप में तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत 14 उप-योजनाएं और कार्यक्रम शामिल होंगे। ये सभी योजनाएं विज्ञान, शोध और नवाचार के विभिन्न पहलुओं को कवर करेंगी।

नई योजना के प्रमुख उद्देश्य

–          विज्ञान विषयों में उच्च शिक्षा और शोध के लिए मेधावी छात्रों को आगे बढ़ने हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।

–          राज्य के विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों को अनुसंधान एवं विकास के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाएगी।

–          वैज्ञानिक सहयोग, नवाचार संस्कृति और बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया जाएगा।

–          जिला विज्ञान केंद्र और तारामंडल के माध्यम से छात्रों और आम जनता में वैज्ञानिक चेतना और तर्कशील सोच को प्रोत्साहित किया जाएगा।

–          इनोवेशन हब की स्थापना, नवाचार रोडमैप की तैयारी और युवा नवप्रवर्तकों को सहयोग देकर राज्य में सशक्त नवाचार वातावरण विकसित किया जाएगा।

पांच वर्षों में 254.85 करोड़ रुपये का प्रावधान

राज्य सरकार ने बताया कि यह नई योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से अगले पांच वर्षों तक लागू की जाएगी। इसके लिए कुल 254.85 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से ओडिशा को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।

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