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ओडिशा टेक्स फ्लाइट थीम के साथ एशिया के सबसे बड़े विमानन मंच पर सशक्त उपस्थिति
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने एशिया के सबसे बड़े नागरिक विमानन आयोजन विंग्स इंडिया 2026 में अपनी प्रभावशाली और दूरदर्शी उपस्थिति दर्ज कराई है। राज्य के विशेष पवेलियन को ओडिशा टेक्स फ्लाइट थीम के तहत सजाया गया है, जो भारत के विमानन विकास में ओडिशा की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
ओडिशा पवेलियन में आगंतुक यह अनुभव कर रहे हैं कि राज्य किस तरह भविष्य के लिए तैयार, समावेशी और निवेश-अनुकूल विमानन तंत्र का निर्माण कर रहा है।
इसमें प्रगतिशील नीतियां, क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी का विस्तार, कौशल विकास पर जोर और दीर्घकालीन बुनियादी ढांचा योजना को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया है।
‘सभी के लिए विमानन’ का विजन प्रदर्शित
पवेलियन में ओडिशा के एविएशन फॉर ऑल दृष्टिकोण को रेखांकित किया गया है। यहां हवाई अड्डा विकास, विमानन प्रशिक्षण, ड्रोन इकोसिस्टम, एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) की संभावनाएं और मानव संसाधन विकास से जुड़े अवसरों को प्रदर्शित किया गया है। ये पहलें विकसित ओडिशा 2036 और विकसित भारत 2047 के दीर्घकालीन रोडमैप के अनुरूप हैं।
विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
ओडिशा की भागीदारी को और मजबूती देते हुए वाणिज्य एवं परिवहन विभाग की प्रधान सचिव उषा पाढ़ी ने विमानन में महिलाएं विषय पर आयोजित राउंड टेबल सत्र में पैनलिस्ट के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने विमानन क्षेत्र में महिला नेतृत्व और लैंगिक समावेशन के प्रति ओडिशा सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
लड़कियों को विमानन करियर के लिए प्रेरित करने पर फोकस
उषा पाढ़ी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि लड़कियों को करियर के शुरुआती चरण में ही विमानन क्षेत्र की ओर प्रेरित किया जाए। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों और साझेदार संस्थानों के समन्वय से ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे महिलाएं विमानन क्षेत्र में प्रवेश कर सकें, आगे बढ़ें और नेतृत्व कर सकें।
कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए दो अहम एमओयू
कौशल आधारित विकास रणनीति के तहत वाणिज्य एवं परिवहन विभाग ने विमानन प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
मायूरभंज में पायलट प्रशिक्षण संस्थान
एम/एस अल्केमिस्ट एविएशन के साथ हुए एमओयू के तहत मयूरभंज के डांडबोस हवाई अड्डे पर फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना की जाएगी। यह संस्थान हर वर्ष लगभग 50 पायलटों को प्रशिक्षण देने में सक्षम होगा।
ब्रह्मपुर में ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र
वहीं एम/एस बॉनवी एयरो के साथ हुए एमओयू के माध्यम से ब्रह्मपुर के रंगेइलिंडा हवाई पट्टी पर यूएवी (ड्रोन) प्रशिक्षण और परीक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह ओडिशा का पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां हर साल 100 से अधिक ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षित किया जा सकेगा।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर आधारित विमानन विकास रणनीति
ओडिशा की विमानन विकास रणनीति में सार्वजनिक-निजी भागीदारी आधारित बुनियादी ढांचा, समन्वित नीतिगत समर्थन और दीर्घकालीन सतत विकास पर विशेष जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
विंग्स इंडिया 2026 में ओडिशा पवेलियन देखने का आमंत्रण
आगंतुक 28 से 31 जनवरी 2026 तक हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट स्थित हॉल-सी, स्टॉल नंबर 25-सी में ओडिशा की विमानन यात्रा को करीब से देख सकते हैं। विंग्स इंडिया 2026 का विषय भारतीय विमानन: भविष्य की राह, डिजाइन से संचालन तक, निर्माण से रखरखाव तक, समावेशन से नवाचार तक है। यह प्रस्तुति ओडिशा को भारत के उभरते विमानन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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