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बीजद संगठन को मजबूत रखने पर मंथन, क्या और नेताओं पर गिरेगी गाज?
भुवनेश्वर। दो मौजूदा विधायकों को पार्टी से निलंबित करने के कुछ ही दिनों बाद बीजू जनता दल के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने मंगलवार को भुवनेश्वर में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक और अहम बैठक की। इस बैठक को संगठन के भीतर अनुशासन, एकजुटता और भविष्य की रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री प्रदीप आमत, बद्री नारायण पात्र, रजनीकांत सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता नवीन निवास पहुंचे और बीजद सुप्रीमो के साथ लंबी चर्चा की। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे संगठन को मजबूत करने और आंतरिक चुनौतियों से निपटने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
नवीन निवास से पहले प्रमिला मल्लिक के आवास पर बैठक
बताया जाता है कि नवीन निवास में बैठक से पहले बीजद की वरिष्ठ नेता प्रमिला मल्लिक के आवास पर भी एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में जाजपुर जिले से जुड़े कई प्रमुख नेता शामिल हुए, जिनमें प्रणव प्रकाश दास, प्रणव बलबंतराय और विधायक विश्वरंजन मल्लिक प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
बैठक के बाद प्रमिला मल्लिक ने कहा कि सभी नेता पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से एकजुट हुए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जो भी पार्टी हितों के खिलाफ कार्य करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पार्टी को मजबूत रखना ही बैठकों का उद्देश्य
बारी विधायक विश्वरंजन मल्लिक ने भी इन बैठकों को लेकर कहा कि इनका एकमात्र उद्देश्य पार्टी संगठन को सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि बैठकों में जो भी रणनीति और कार्ययोजना तैयार की जा रही है, उसे पार्टी अध्यक्ष नवीन पटनायक के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आगे की दिशा और आवश्यक कार्रवाई पर निर्णय लिया जा सके।
पहले भी हो चुकी हैं विधायकों के साथ तीन दौर की बैठकें
गौरतलब है कि इससे पहले नवीन पटनायक पार्टी के विधायकों के साथ तीन दौर की बैठकें कर चुके हैं। इन बैठकों का उद्देश्य विधायकों की राय जानना और संगठन के भीतर की स्थिति का आकलन करना था। तीसरी बैठक के दिन ही 15 जनवरी को विधायक सनातन महाकुड और अरविंद महापात्र को पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि पार्टी नेतृत्व अब केवल संवाद तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि अनुशासन और एकता को लेकर सख्त रुख अपनाने के लिए भी तैयार है।
अनुशासनहीनता पर आगे भी हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल पार्टी नेतृत्व की नजर उन दो-तीन नेताओं या विधायकों पर है, जिन पर अनुशासनहीनता और पार्टी को असहज करने वाले बयान देने के आरोप हैं। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या नवीन पटनायक आने वाले दिनों में और कड़े फैसले लेकर यह संदेश देंगे कि बीजद में बने रहने के लिए अनुशासन और निष्ठा अनिवार्य है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हालिया बैठकों और फैसलों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि बीजद नेतृत्व संगठन को एकजुट रखने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए अब निर्णायक कदम उठाने के मूड में है।
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