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परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
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बीमार पड़ने के बाद इलाज में देरी का दावा, जांच के आदेश
नुआपड़ा। नुआपड़ा जिले के सिनापाली प्रखंड स्थित 100 सीटर अनुसूचित जनजाति बालिका छात्रावास में रह रही एक 15 वर्षीय छात्रा की गुरुवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। मृत छात्रा के परिजनों ने छात्रावास प्रशासन, विशेषकर प्रधानाध्यापिका पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतका की पहचान पद्मिनी माझी के रूप में हुई है। वह करनबहाली पंचायत के अंतर्गत डांगरीगुड़ा गांव निवासी गयाधर माझी की पुत्री थी। पद्मिनी बालिका हाई स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा थी और छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
बीमारी से बिगड़ी हालत
परिजनों के अनुसार पद्मिनी मंगलवार को अस्वस्थ हुई थी। बुधवार तक उसे बुखार और दस्त की शिकायत होने लगी और उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। बुधवार रात करीब 9 बजे छात्रावास प्रबंधन उसे सिनापाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गया और उसके बाद परिवार को सूचना दी गई। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक उसकी हालत गंभीर हो चुकी थी।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे पहले जिला मुख्यालय अस्पताल और फिर बुर्ला अस्पताल रेफर किया। तमाम प्रयासों के बावजूद गुरुवार देर रात करीब 2 बजे उसकी मौत हो गई।
समय पर इलाज नहीं मिला – परिजन
मृत छात्रा के परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि छात्रावास की प्रधानाध्यापिका और प्रशासन ने समय रहते जिम्मेदारी निभाई होती, तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी। उनका कहना है कि शुरुआती लक्षण सामने आने के बावजूद छात्रा को समय पर अस्पताल नहीं ले जाया गया, जिससे उसकी स्थिति बिगड़ गई।
प्रधानाध्यापिका ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, छात्रावास की प्रधानाध्यापिका ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मंगलवार को छात्रा में बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे। बुधवार को जब उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया और परिवार को भी तत्काल सूचना दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई।
छात्रावास में सौ से अधिक छात्राएं
सूत्रों के अनुसार इस छात्रावास में 100 से अधिक छात्राएं रह रही हैं। पूरे छात्रावास की देखरेख की जिम्मेदारी एक मैट्रन और दो सीसीए के पास है, जिससे व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन पहुंचा पीड़ित परिवार के पास
घटना के बाद सिनापाली कल्याण अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी शुक्रवार शाम मृतका के परिजनों से मिलने पहुंचे। इस दौरान परिवार को रेड क्रॉस की ओर से 20 हजार रुपये की सहायता राशि का चेक सौंपा गया। भेंट के दौरान परिजनों ने एक बार फिर लापरवाही के आरोप दोहराए।
प्रशासनिक अधिकारियों का जांच का आश्वासन
प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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