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संगठित पशु तस्करी नेटवर्क पर पुलिस का करारा प्रहार
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कई जिलों में एक साथ छापेमारी
केंदुझर। केंदुझर पुलिस ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ शनिवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए सैकड़ों करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति पर शिकंजा कसा है। इस अभियान में पशु तस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों की 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अवैध कारोबार से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
केंदुझर के पुलिस अधीक्षक नितिन कुशलकर ने बताया कि यह अभियान संगठित पशु तस्करी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के उद्देश्य से चलाया गया है। जांच में सामने आया है कि तस्करों ने अवैध पशु परिवहन के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की थी।
इन गतिविधियों की पहचान सरकार के ऑनलाइन नैटग्रिड ऐप के माध्यम से की गई, जिसके आधार पर पुलिस ने ठोस कार्रवाई शुरू की।
एक साथ कई जिलों में छापेमारी
पुलिस ने केंदुझर के साथ-साथ मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर और कटक जिलों में समन्वित छापेमारी की। इस दौरान 9 लोगों को हिरासत में लिया गया और बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण, वाहन व दस्तावेज जब्त किए गए।
छापेमारी में 1.40 करोड़ रुपये नकद जब्त
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में अब तक 1.40 करोड़ रुपये नकद, 1 किलोग्राम सोना और 3 किलोग्राम चांदी, 11 चारपहिया वाहन और 13 दोपहिया वाहन, मोबाइल फोन, जमीन के दस्तावेज और बैंक खातों से जुड़े कागजात जब्त किए गए हैं। खबर लिखे जाने तक भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 107 के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई जारी थी। इसके लिए पुलिस अदालत से आगे के आदेश भी ले रही थी।
46 स्थानों पर फैला अभियान
यह व्यापक अभियान कुल 46 स्थानों पर चलाया गया। केंदुझर जिले में सांतरापुर, कलियाहाता, तेलकोई, घसीपुरा, तुरुमुंगा और जमुझोड़ी, मयूरभंज में बिसोई, करंजिया, झारपोखरिया, तेंतोपोशी, चड़ेईभोल, केंद्रेई और ठाकुरमुंडा, जाजपुर के कोरई और भद्रक के कई इलाकों में एक साथ दबिश दी गई।
भारी पुलिस बल की तैनाती
इस ऑपरेशन का नेतृत्व दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर रहे थे। उनके साथ 5 डीएसपी, 25 इंस्पेक्टर, 36 एसआई और एएसआई, तथा 18 प्लाटून पुलिस बल को तैनात किया गया था।
पहले भी पुलिस पर हो चुका है हमला
पुलिस ने बताया कि करीब एक साल पहले पशु तस्करों ने कार्रवाई के दौरान पुलिस वाहनों पर हमला किया था और पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश कर फरार हो गए थे। इसके बाद केंदुझर पुलिस ने बीएनएस की धारा 112 और संगठित अपराध कानूनों के तहत सख्त रुख अपनाते हुए तस्करों के खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज किए।
जब तक नेटवर्क खत्म नहीं होगा, कार्रवाई जारी रहेगी
एसपी नितिन कुशलकर ने साफ शब्दों में कहा कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि जब तक पशु तस्करी से जुड़ी सारी संपत्तियां जब्त नहीं हो जातीं और इसके मास्टरमाइंड कानून के शिकंजे में नहीं आ जाते, तब तक कार्रवाई जारी रहेगी। केंदुझर और आसपास के जिलों में संगठित अपराध को पनपने नहीं दिया जाएगा।
केंदुझर पुलिस का अपराध के खिलाफ सख्त संदेश
केंदुझर पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई को संगठित अपराधियों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट संकेत है कि अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी और कानून से बचने का कोई रास्ता नहीं होगा।
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