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नए पाठ्यपुस्तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार तैयार किए जाएंगे – धर्मेंद्र प्रधान
भुवनेश्वर:केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा के स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री श्री नित्यानंद गंड की उपस्थिति में भुवनेश्वर में एक महत्वपूर्ण विचार-विमर्श सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्य के सभी 30 जिलों के मास्टर ट्रेनर और शैक्षणिक नेतृत्व टीम के साथ नए पाठ्यक्रम और शिक्षक प्रशिक्षण पर रॉडमैप तैयार किया गया।
इस योजना के तहत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से कक्षा 1 से 8 तक नए पाठ्यपुस्तक का कार्यान्वयन किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम ओडिशा स्टेट सिलेबस फ्रेमवर्क (OSCF) पर आधारित होगा। राज्य के लगभग 1.67 लाख शिक्षकों को नए पाठ्यक्रम में दक्ष बनाने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विशेष ध्यान प्रौद्योगिकी का उपयोग कर शिक्षकों का सतत व्यावसायिक विकास सुनिश्चित करने और पंचम कक्षा तक मातृभाषा में शिक्षा मजबूत करने पर दिया जाएगा, ताकि बच्चों की मूलभूत शिक्षा और संज्ञानात्मक क्षमता में सुधार हो। प्रारंभिक स्तर पर बच्चों के पढ़ने, लिखने और गणितीय क्षमता के विकास पर भी चर्चा हुई।
कक्षा 6 से 10 तक छात्रों के लिए 10-दिनीय बैग-रहित शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी, जिससे वे व्यावहारिक ज्ञान और आलोचनात्मक सोच विकसित कर सकें। इसके साथ ही जन्म से 12वीं कक्षा तक बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर स्वतंत्र दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया जाएगा।
श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी शिक्षा नीति के माध्यम से ओडिशा में शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने और विकसित ओडिशा बनाने में सरकार प्रतिबद्ध है।
इस कार्यक्रम में एनसीईआरटी , केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, राज्य शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय संगठन, ओडिशा आदर्श विद्यालय, जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
इस पहल के माध्यम से ओडिशा में शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
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