भुवनेश्वर, उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने शुक्रवार को लोकसेवा भवन में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राजधानी के प्रमुख विरासत और धार्मिक स्थलों जैसे कि केदार गौरी, खंडागिरी, कपिलेश्वर और मुक्तेश्वर के समग्र विकास, संरक्षण और पर्यटन प्रबंधन की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विशाल पैमाने पर स्वच्छता और जनजागरूकता अभियान शुरू करने के निर्देश दिए, जिसके लिए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि विरासत संरक्षण, पर्यटन संवर्धन और पर्यावरणीय स्थिरता को साथ-साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
हाल ही में किए गए स्थलीय निरीक्षणों के आधार पर बैठक में मंदिर परिसर में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, कुंड और जलाशयों का खुरचना और पुनर्जीवन, नाली और जल निकासी सुधार तथा जल स्रोतों का रखरखाव जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी संबंधित मंदिर ट्रस्ट, स्थानीय निकाय और विभागों के अंतर्गत ड्रेनेज, पंपिंग और नियमित रखरखाव कार्यों के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने और तकनीकी टीम की तैनाती करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पर्यटन विभाग, भुवनेश्वर नगर निगम , पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, धर्मार्थ विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच निकट समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि स्वच्छता, जल गुणवत्ता और स्मारकों का नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जा सके। जहाँ आवश्यक होगा, प्राथमिकता के आधार पर सफाई और पंपिंग कार्य किए जाएंगे।
भ्रमण करने वालों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षित गाइडों की तैनाती की सलाह दी गई ताकि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी का सही तरीके से प्रचार-प्रसार किया जा सके। इसके अलावा, इंटरप्रिटेशन सेंटरों की उचित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने और भविष्य में स्थलों पर रैंप और सार्वभौमिक पहुंच सुविधाओं का निर्माण करने का निर्णय भी लिया गया।
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