भुवनेश्वर:प्रौद्योगिकी आधारित शासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ओडिशा सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी (ई एंड आईटी) विभाग ने ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर (ओसीएसी) के माध्यम से गुरुवार को विभिन्न सरकारी विभागों के निदेशक-स्तरीय अधिकारियों के लिए एक विशेष एआई सेनसिटाइजेशन एवं क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ अधिकारियों को सरकारी कार्यप्रणाली में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना था, ताकि प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सके।
कार्यशाला का उद्घाटन ई एंड आईटी विभाग के प्रधान सचिव विशाल देव ने किया। अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने के प्रति राज्य सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए कहा कि एआई अब भविष्य की अवधारणा नहीं, बल्कि प्रभावी शासन के लिए वर्तमान समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा, “आगामी दशक बुद्धिमत्ता के होंगे। सरकारी अधिकारियों को सही तकनीकी उपकरणों से सशक्त बनाकर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ओडिशा एआई मिशन तेज, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन में तब्दील हो।”
यह गहन प्रशिक्षण सत्र एआई से जुड़ी जटिल अवधारणाओं को सरल रूप में समझाने और सरकारी कार्यों से संबंधित वास्तविक उपयोग मामलों पर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। कार्यशाला में एआई आधारित ड्राफ्टिंग और संचार, स्मार्ट सर्च, दस्तावेज़ों एवं पीडीएफ के साथ चैट, गहन शोध तकनीकें तथा डेटा विश्लेषण जैसे विषयों को शामिल किया गया। प्रतिभागियों ने अलग-अलग ब्रेकआउट सत्रों में अपने विभागों में एआई के संभावित उपयोग पर भी व्यावहारिक अभ्यास किया।
कार्यशाला के एक विशेष सत्र में जिम्मेदार एआई पर भी फोकस किया गया, जिसमें नैतिक मानकों, डेटा गोपनीयता और सुरक्षित उपयोग से जुड़ी सर्वोत्तम प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों को एआई के उपयोग के दौरान अपनाए जाने वाले ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी दी गई, ताकि संवेदनशील सरकारी डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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