भुवनेश्वर। राष्ट्रीय विचार के साथ श्रमिक हितों के लिए कार्य करने वाले देश के सबसे बड़े मजदूर संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का 21वां अखिल भारतीय सम्मेलन 6 से 8 फरवरी 2026 तक ओडिशा की पवित्र तीर्थ नगरी पुरी में आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश के श्रम जगत से जुड़े कई ज्वलंत और समकालीन मुद्दों पर गहन चर्चा और विमर्श होगा। बदलती तकनीक, पर्यावरणीय चुनौतियों, वैश्वीकरण तथा श्रम कानूनों के प्रभाव जैसे विषय सम्मेलन के केंद्र में रहेंगे।
इस संबंध में जानकारी देते हुए भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी. सुरेन्द्रन ने भुवनेश्वर स्थित प्रेस क्लब ऑफ ओडिशा में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह सम्मेलन न केवल श्रमिक संगठनों के लिए, बल्कि देश की श्रम नीति और औद्योगिक भविष्य की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
केंद्रीय श्रम मंत्री करेंगे औपचारिक उद्घाटन
बी. सुरेन्द्रन ने बताया कि सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुखभाई मांडविया द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की दक्षिण एशिया निदेशक मिचिको मियामोटो भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
देशभर से 2,500 प्रतिनिधियों की सहभागिता
उन्होंने कहा कि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में देशभर से चयनित लगभग 2,500 प्रतिनिधि भाग लेंगे। ये प्रतिनिधि 28 राज्यों, 4 केंद्रशासित प्रदेशों और 42 औद्योगिक महासंघों का प्रतिनिधित्व करेंगे। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के प्रमुख मजदूर संगठनों के कार्यकर्ता, औद्योगिक महासंघों के वरिष्ठ पदाधिकारी और ट्रेड यूनियन नेता भाग लेकर अपने विचार साझा करेंगे। सम्मेलन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए 400 से अधिक स्वयंसेवक सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं।
12 देशों के प्रतिनिधि, ब्रिक्स देशों की विशेष भागीदारी
बीएमएस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री ने बताया कि इस सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक सहभागिता देखने को मिलेगी। ब्रिक्स देशों सहित कुल 12 देशों से भ्रातृ संगठन (फ्रेटरनिटी) के प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके तहत “बदलते तकनीकी, आर्थिक, पारिस्थितिक एवं नैतिक परिदृश्य: कार्य-जगत पर प्रभाव और ट्रेड यूनियनों की भूमिका” विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है, जिसमें वैश्विक श्रम परिदृश्य और ट्रेड यूनियनों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा होगी।
श्रम परिदृश्य पर विमर्श
सम्मेलन के दौरान देश के वर्तमान श्रम परिदृश्य, केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई श्रम संहिताओं का विभिन्न क्षेत्रों पर प्रभाव, रोजगार के बदलते स्वरूप, ठेका श्रम, गिग वर्क और ट्रेड यूनियनों की भविष्य की भूमिका जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। विशेषज्ञ वक्ताओं और श्रमिक नेताओं द्वारा इन विषयों पर विचार रखे जाएंगे।
महिला सहभागिता पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
श्रम क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सम्मेलन में एक विशेष राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। “ट्रेड यूनियन आंदोलन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी: चुनौतियाँ और अवसर” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में महिला श्रमिकों की भूमिका, उनके अधिकार, समस्याएं और संभावनाओं पर चर्चा होगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वी. राहटकर को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनसभा होंगे आकर्षण
सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में विशेष व्याख्यान, उद्योग-वार चर्चाएं, महत्वपूर्ण प्रस्तावों का पारित होना, ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतिनिधियों का जुलूस और विशाल जनसभा शामिल हैं। ये कार्यक्रम सम्मेलन को जनसरोकारों से जोड़ने का कार्य करेंगे।
7 फरवरी को विशाल रैली और जनसभा
7 फरवरी को पुरी में एक विशाल जुलूस और जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 50,000 से अधिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। इस जनसभा में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय महासचिव श्री रविंद्र हिमते मुख्य वक्ता होंगे। उनके साथ देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रमुख श्रमिक नेता भी सभा को संबोधित करेंगे।
ओडिशा में दूसरी बार अखिल भारतीय सम्मेलन
बी. सुरेन्द्रन ने बताया कि इससे पहले ओडिशा में भारतीय मजदूर संघ का अखिल भारतीय सम्मेलन वर्ष 2008 में कटक में आयोजित किया गया था। करीब 18 वर्षों बाद एक बार फिर ओडिशा को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी का अवसर मिला है। वर्तमान में पुरी में सम्मेलन की तैयारियां तेजी से अंतिम चरण में हैं।
इस पत्रकार सम्मेलन में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री गणेश मिश्रा, प्रदेश अध्यक्ष बादल महाराणा, प्रदेश महामंत्री पृथ्वीराज पंडा तथा राष्ट्रीय मंत्री अंजलि पटेल भी उपस्थित थे।
इससे पूर्व बीएमएस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी. सुरेन्द्रन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से भेंट कर “प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण एवं नैतिकता के बदलते परिदृश्य का कार्य-जगत पर प्रभाव तथा ट्रेड यूनियनों की भूमिका” विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि (गेस्ट ऑफ ऑनर) के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सहमति दी।
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