-
‘ओडिशी संध्या’ का भव्य आयोजन
-
रवींद्र मंडप में सजी ओडिशी नृत्य की अनुपम प्रस्तुति
भुवनेश्वर। भुवनेश्वर स्थित रवींद्र मंडप में ओडिशी नृत्य के महान गुरु, पद्म विभूषण केलुचरण महापात्र की जन्म शताब्दी समारोह के अवसर पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम “ओडिशी संध्या” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित ओडिशी नृत्य कलाकारों ने अपनी सशक्त और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गुरु केलुचरण महापात्र को भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने पारंपरिक ओडिशी नृत्य की शास्त्रीय भाव-भंगिमाओं, सधे हुए ताल और सजीव अभिनय के माध्यम से गुरु केलुचरण महापात्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रस्तुत नृत्य रचनाओं में गुरु की कला-दृष्टि, साधना और अनुशासन की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
ओडिशी परंपरा, आध्यात्म और सौंदर्य का संगम
मंच पर प्रस्तुत विभिन्न नृत्य रचनाओं में ओडिशी नृत्य की समृद्ध परंपरा, आध्यात्मिक चेतना और सौंदर्य का अद्भुत संगम दिखाई दिया। शास्त्रीय राग-ताल, सुस्पष्ट मुद्राएं और भावनात्मक अभिव्यक्ति ने दर्शकों को ओडिशी नृत्य की गहराई और गरिमा से रूबरू कराया।
कलाकारों की प्रस्तुति ने बांधा समां
यहां आए ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने जब मंच संभाला, तो पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा। हर प्रस्तुति में गुरु केलुचरण महापात्र की शिक्षाओं और ओडिशी नृत्य की शास्त्रीय परंपरा का जीवंत प्रतिबिंब देखने को मिला।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का संदेश
‘ओडिशी संध्या’ कार्यक्रम न केवल एक सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि इसने युवा पीढ़ी को ओडिशी नृत्य की विरासत से जोड़ने और गुरु केलुचरण महापात्र के योगदान को स्मरण करने का सशक्त संदेश भी दिया। कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि ओडिशी नृत्य की यह अमूल्य परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक जीवित और सशक्त बनी रहेगी।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
