-
भुवनेश्वर, कटक, अनुगूल समेत पांच शहरों में कड़े प्रतिबंध, निर्माण कार्यों पर रोक
भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को देखते हुए राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गई है। बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे इसके दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
तालचेर और बालेश्वर के बाद अब कटक, भुवनेश्वर और अनुगूल में भी कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। इस तरह कुल पांच शहरों में विशेष एंटी-पॉल्यूशन उपाय प्रभावी हो गए हैं।
निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर समयबद्ध रोक
नए निर्देशों के तहत इन शहरों में शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि के दौरान किसी भी तरह की तोड़फोड़ या ब्रेकिंग गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। सरकार का उद्देश्य निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल के कारण बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
धूल नियंत्रण के लिए दिन में तीन बार पानी का छिड़काव
धूल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर दिन में तीन बार पानी का छिड़काव किया जाएगा। औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कों पर नियमित जल छिड़काव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी ओडिशा औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम (आईडीसीओ) को सौंपी गई है।
खुले स्थानों पर कचरा जलाने पर पूरी तरह से रोक
राजधानी भुवनेश्वर और कटक में खुले स्थानों पर कचरा जलाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही होटलों और सड़क किनारे ढाबों में खाना पकाने के लिए कोयला और लकड़ी के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि धुएं से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।
उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना
इन प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है, जिससे वायु प्रदूषण के साथ-साथ ध्वनि प्रदूषण को भी नियंत्रित किया जा सके।
सात शहरों का एक्यूआई खतरनाक स्तर पर
इस बीच ओडिशा के सात शहरों का एक्यूआई खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है। इनमें तालचेर, अनुगूल, बालेश्वर, कलिंगनगर, राउरकेला के साथ अब भुवनेश्वर और कटक भी शामिल हो गए हैं। इससे पहले तालचेर को गंभीर वायु प्रदूषण के चलते पहले ही ग्रैप स्टेज-दो के तहत रखा गया था।
जनस्वास्थ्य सर्वोपरि : सरकार
राज्य सरकार का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आगे भी स्थिति की समीक्षा कर और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन ने आम लोगों, उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
